धानापुर में सैकड़ों पटाखों की दुकानें, जांच सिर्फ एक की; बाकी दुकानों की पड़ताल कौन करेगा?
धानापुर में पटाखों की सैकड़ों दुकानें और लाइसेंसशुदा दुकान महज एक होने की स्थिति प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक दुकान का निरीक्षण पूरे बाजार की सुरक्षा की गारंटी नहीं हो सकता। दीपावली की खुशियां बारूद के ढेर पर न सिमटें, इसके लिए हर दुकान की वैधता, भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी है।

लाइसेंस एक का, चट्टी-चौराहों पर दुकानें अनेक; अवैध बिक्री पर उठे सवाल
धानापुर (चंदौली)। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही धानापुर कस्बे से लेकर आसपास के चट्टी-चौराहों तक पटाखों की दुकानें सज गई हैं। बाजार में जगह-जगह पटाखों की बिक्री हो रही है, लेकिन इन दुकानों की वैधता और सुरक्षा व्यवस्था की जांच को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हैरानी यह है कि कस्बे में पटाखों की लाइसेंसशुदा एकमात्र दुकान बताई जा रही है, जबकि बिक्री के लिए सैकड़ों दुकानें खुलने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल है कि बाकी दुकानों की जांच कौन करेगा?
दीपावली को देखते हुए मंगलवार को सकलडीहा एसडीएम आकांक्षा सिंह और क्षेत्राधिकारी कृष्णमूर्ति शर्मा ने धानापुर कस्बे में डॉ. सत्यप्रकाश की लाइसेंसशुदा पटाखा दुकान का निरीक्षण किया। प्रशासन ने लाइसेंसशुदा दुकान की जांच तो की, लेकिन क्षेत्र में जगह-जगह संचालित अन्य पटाखा दुकानों की पड़ताल को लेकर सवाल बरकरार हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कस्बे के अलावा विभिन्न चट्टी-चौराहों पर भी पटाखों की दुकानें सज चुकी हैं। ऐसे में इन दुकानों के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच भी जरूरी है।
सुरक्षा से खिलवाड़ की आशंका
पटाखों का कारोबार सामान्य व्यापार नहीं है। ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री के भंडारण तथा बिक्री में जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। घनी आबादी वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों में बिना निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के पटाखों की बिक्री लोगों की जान-माल के लिए खतरा बन सकती है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी केवल लाइसेंसशुदा दुकान का निरीक्षण करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
उठ रहे सवाल
जब कस्बे में लाइसेंसशुदा दुकान एक है तो बाकी स्थानों पर पटाखों की बिक्री किस अनुमति से हो रही है? क्या सभी दुकानदारों के पास वैध लाइसेंस हैं? दुकानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं? पटाखों का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कहीं कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
त्योहार की खुशियां सुरक्षित रहें, इसके लिए जरूरी है कि प्रशासन पूरे क्षेत्र में अभियान चलाकर पटाखों की दुकानों की जांच करे। बिना वैध अनुमति कारोबार करने वालों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सुरक्षा के नाम पर केवल एक दुकान की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में संचालित दुकानों की पड़ताल सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।