ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े मयंक ने लिखी सफलता की नई इबारत, ED की ट्रेनिंग पूरी कर लौटे तो घर पर हुआ भव्य स्वागत

ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रवर्तन निदेशालय जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विभाग में अधिकारी बनना मयंक की व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं बढ़कर पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी सफलता बताती है कि संसाधनों की कमी प्रतिभा का रास्ता नहीं रोक सकती। मजबूत संकल्प, अनुशासन और शिक्षा के दम पर गांव से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

चंदौली जिले के सकलडीहा के नोनार में ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े मयंक प्रकाश कुशवाहा ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर सफलता की नई इबारत लिखी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) में अधिकारी के रूप में ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार घर लौटने पर परिवार और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे परिवार में खुशी का माहौल रहा। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने भी इसे चंदौली जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

इस अवसर पर जन अधिकार पार्टी, चंदौली के पदाधिकारियों ने मयंक के आवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। पार्टी की ओर से उन्हें भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की गई और मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। सम्मान समारोह में परिजनों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बना।

संघर्ष और संकल्प से हासिल किया मुकाम

मयंक प्रकाश कुशवाहा की यह सफलता वर्षों की मेहनत, लगन और अनुशासन का परिणाम है। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने देश की सेवा के लिए प्रतिष्ठित पद हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। सीमित संसाधनों और तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। निरंतर प्रयास और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।

ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रवर्तन निदेशालय जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विभाग में अधिकारी बनना उनके परिवार के साथ-साथ पूरे चंदौली जिले के लिए गौरव का विषय है। उनकी उपलब्धि उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं।

पार्टी पदाधिकारियों ने किया सम्मानित

जन अधिकार पार्टी के प्रदेश महासचिव कन्हैया सिंह कुशवाहा ने कहा कि मयंक प्रकाश कुशवाहा ने अपनी सफलता से परिवार ही नहीं, बल्कि कुशवाहा समाज और पूरे चंदौली जिले का मान बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

वाराणसी मंडल के उपाध्यक्ष शिवपूजन मौर्य ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट करने के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि बुद्ध की प्रतिमा ज्ञान, शांति और न्याय का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मयंक अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए इन मूल्यों को आत्मसात करेंगे और पूरी ईमानदारी से देश की सेवा करेंगे।

जिला प्रभारी डॉ. काशीनाथ कुशवाहा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं है। मयंक की सफलता आने वाली पीढ़ी को शिक्षा, मेहनत और अनुशासन के प्रति प्रेरित करेगी।

युवाओं को दिया शिक्षा और सकारात्मकता का संदेश

सम्मान से अभिभूत मयंक प्रकाश कुशवाहा ने जन अधिकार पार्टी के पदाधिकारियों, परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों के आशीर्वाद को दिया। साथ ही युवाओं से अपील की कि वे नशे और गलत संगत से दूर रहें तथा अपनी पूरी ऊर्जा शिक्षा और लक्ष्य प्राप्ति में लगाएं। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास से सफलता जरूर मिलती है।

इस अवसर पर देवेंद्र मौर्य, हंसलाल मौर्य, गुप्तेश्वर मौर्य, प्रदुम्न सहित जन अधिकार पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, परिवारजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने मयंक को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रिपोर्ट – रतन लाल