दो सड़कों की बदहाली पर गरजे किसान नेता पिंटू पाल, PWD को सौंपा ज्ञापन; मरम्मत नहीं तो आंदोलन

सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की पहली बुनियाद होती है, लेकिन जब दो महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बदहाली के चलते राहगीरों के लिए मुसीबत बन जाएं तो विकास के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। उकनी-दुदौली-डैना और उकनी-धरहरा-अमावल होते हुए सकलडीहा स्टेशन मार्ग की दुर्दशा हजारों ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। इसका असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं, बल्कि किसानों की उपज की ढुलाई, विद्यार्थियों की पढ़ाई, मरीजों की आवाजाही और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। किसान नेता पिंटू पाल का ज्ञापन इसी जनसमस्या को जिम्मेदार विभाग के दरवाजे तक पहुंचाने की पहल है। अब असली परीक्षा पीडब्ल्यूडी विभाग की है कि वह इस आवाज को कागजों तक सीमित रखता है या धरातल पर सड़क की सूरत बदलकर ग्रामीणों को राहत देता है। क्योंकि विकास की असली पहचान घोषणाओं से नहीं, गांवों तक पहुंचने वाली मजबूत और सुरक्षित सड़कों से होती है।

उकनी-दुदौली-डैना और उकनी-धरहरा-अमावल होते हुए सकलडीहा स्टेशन मार्ग बदहाल, गड्ढों में तब्दील सड़कों ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें।

चंदौली/सकलडीहा। विकास के दावों के बीच सकलडीहा क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण सड़कें बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रही हैं, जहां राहगीरों के लिए सफर करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। सड़कों पर गड्ढों का जाल, उखड़ी गिट्टियां और जगह-जगह बिखरी बदहाली ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। हालात यह हैं कि इन मार्गों से गुजरना जोखिम उठाने जैसा हो गया है। वर्षों से परेशानी झेल रहे ग्रामीणों की इस पीड़ा को अब किसान नेता पिंटू पाल ने आवाज दी है। उन्होंने उकनी-दुदौली-डैना मार्ग और उकनी-धरहरा-अमावल होते हुए सकलडीहा स्टेशन तक जाने वाले मार्ग की बदहाली को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों सड़कों की मरम्मत और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग को लेकर विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा।

गड्ढों में गुम सड़क, रोजाना हजारों लोगों की मुश्किल

दोनों मार्ग आसपास के गांवों के लिए आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनसे प्रतिदिन किसान, मजदूर, विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और आम नागरिक गुजरते हैं। सड़क की जर्जर हालत के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक जोखिम उठाना पड़ता है। गड्ढों और उखड़ी गिट्टियों के बीच वाहन चलाना चुनौती बन गया है। वहीं बारिश के दौरान कीचड़ और जलभराव परेशानी को और गंभीर कर देते हैं। किसानों को अपनी उपज बाजार और मंडियों तक पहुंचाने में दिक्कत होती है तो विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। मरीजों और जरूरतमंदों के लिए भी बदहाल सड़कें परेशानी का सबब बनी हुई हैं।

PWD अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

किसान नेता पिंटू पाल ने विभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोनों सड़कों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत व निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़कें ग्रामीण जीवन की बुनियादी जरूरत हैं। इनकी बदहाली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जिम्मेदार विभाग को जनता की इस परेशानी को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।

सड़क निर्माण तक संघर्ष का ऐलान

पिंटू पाल ने दो टूक कहा कि सड़क, बिजली, पानी और किसानों की मूलभूत समस्याओं को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। ग्रामीणों की आवाज को अधिकारियों और सत्ता के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोनों सड़कों की बदहाली दूर करने के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक संघर्ष से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।

अब निगाहें पीडब्ल्यूडी विभाग पर टिकी हैं। देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर विभाग कब तक कार्रवाई करता है। क्योंकि इन सड़कों पर चलने वाले लोगों को अब कागजी आश्वासन नहीं, बल्कि गड्ढों से मुक्ति और सुरक्षित आवागमन चाहिए।

रिपोर्ट- रतन लाल