मौसम ने बदली खेती की तस्वीर, बारिश से राहत तो तेज हवा से बढ़ी चिंता

शनिवार को भी जिले के कई हिस्सों में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। इसके साथ तेज हवाएं चलने से खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित हुई। जिन खेतों में धान की बालियां निकल चुकी हैं या फसल पकने की ओर है, वहां हवा के कारण पौधों के गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश और हवा का सिलसिला आगे भी जारी रहा तो गिरी हुई फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
बारिश से फसल को पानी की कमी से राहत
कंदवा क्षेत्र के किसानों के अनुसार मौजूदा बारिश धान की फसल के लिए कई मायनों में उपयोगी भी है। धान के खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से सिंचाई की जरूरत कम हुई है। किसानों का मानना है कि बारिश के साथ हवा चलने से खेतों में मौजूद नमी बनी रहेगी और फसल को इसका लाभ मिल सकता है।
कंदवा गांव निवासी किसान विन्ध्वासिनी राय ने बताया कि रोपाई के समय पानी की कमी जरूर रही थी, लेकिन बाद में समय-समय पर हुई बारिश से धान के खेतों में पानी की समस्या काफी हद तक नहीं रही। उनका कहना है कि इस समय हो रही बारिश फसल के लिए लाभकारी हो सकती है। किसानों को उम्मीद है कि इससे धान में दिखाई दे रहे रोग और कीटों के प्रभाव में भी कमी आएगी।
असना गांव निवासी किसान धर्मेंद्र सिंह भी वर्तमान बारिश को धान की फसल के लिए उपयोगी मानते हैं। उनका कहना है कि खेतों में पर्याप्त नमी बने रहने से फसल को फायदा होगा। रामपुर गांव के अनिल तिवारी, बरहनी के बजरंगी तिवारी और जेवरियाबाद के शैलेंद्र सिंह समेत अन्य किसानों ने भी बारिश से धान की फसल को लाभ मिलने की उम्मीद जताई है।
तेज हवा ने बढ़ाई नुकसान की आशंका
दूसरी ओर, चहनिया सहित कई क्षेत्रों में तेज हवाओं ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल हवा के दबाव से गिरने लगी है। कई स्थानों पर खेतों में बारिश का पानी भी जमा हो गया है। कटाई का समय नजदीक होने के कारण किसान फसल गिरने को लेकर चिंतित हैं।
किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ हो जाता है तो नुकसान को सीमित किया जा सकता है, लेकिन लगातार बारिश और हवा जारी रहने पर गिरी हुई फसल को संभालना मुश्किल होगा। ऐसे में आने वाले दिनों का मौसम धान की पैदावार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिजली आपूर्ति प्रभावित, जनजीवन भी अस्त-व्यस्त
खराब मौसम का असर आम जनजीवन पर भी पड़ा है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से इन्वर्टर और मोबाइल की बैटरी भी जवाब देने लगी। बारिश और तेज हवा के कारण लोग जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकले।
लगातार बारिश से ग्रामीण बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल रही। दुकानदारों के कारोबार पर भी इसका असर दिखाई दिया। अब किसानों के साथ आम लोगों की नजर मौसम साफ होने पर टिकी है।
फिलहाल बारिश ने धान की फसल को पानी की कमी से राहत जरूर दी है, लेकिन तेज हवाओं ने तैयार होती फसल के गिरने से नुकसान की नई चिंता खड़ी कर दी है। ऐसे में मौसम का अगला रुख किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।