संविधान के महत्व से लोगों को जागरूक करने पर जोर
बैठक में संविधान दिवस मनाने के उद्देश्य और उसके महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने कहा कि संविधान दिवस लोगों को देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों को मिले अधिकारों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व जैसे मूल्यों को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है।
समिति की ओर से बहुजन समाज के जन-जन तक बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और उनके मिशन को पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया। लोगों को बाबा साहब के संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक समानता के विचारों से अवगत कराने के साथ उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों और मूल्यों की जानकारी देने की बात कही गई।
गांव-गांव में होगी प्रतियोगिता
बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्यार्थियों को शिक्षा और जागरूकता से जोड़ने के लिए गांव-गांव में लिखित प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। लगभग 10 गांवों में 15 नवंबर के आसपास प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराने की तैयारी है। इसमें हजारों बच्चों के प्रतिभाग करने की उम्मीद जताई गई है।
समिति का उद्देश्य प्रतियोगिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ उनकी शिक्षा में सहयोग करने की योजना है। समिति ने मेधावी विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में हर संभव सहयोग के लिए साथ खड़े रहने की बात कही।
2008 में हुई थी समिति की स्थापना
बैठक में समिति की स्थापना और उसके उद्देश्यों पर भी चर्चा की गई। सदस्यों ने बताया कि लॉर्ड बुद्धा डॉ. अंबेडकर सेवा समिति की स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी। समिति के तत्वावधान में संविधान दिवस मनाने की शुरुआत भी की गई और तब से प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है।
समिति का कहना है कि संविधान दिवस के आयोजन को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसके माध्यम से समाज में शिक्षा, जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में अर्जुन प्रसाद आर्य, लल्लन कुमार, प्रेमशंकर, जगदीश लाल, एडवोकेट गायत्री, रामसुभाष, आनंद कुमार, पन्ना लाल, एडवोकेट रामजन्म बागी, रामशरण, आनंद कुमार, डॉ. एमके वर्धन, श्यामबली लहरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।