अमानत में खयानत मामले में दो आरोपियों को मिली जमानत

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वाराणसी। प्रभारी ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश (चौदहवां) कुलदीप सिंह की अदालत ने अमानत में खयानत के चोलापुर थाने के एक मामले में दो आरोपियों को जमानत दे दी. राधापुरम कॉलोनी महावीर मंदिर टकटकपुर थाना कैंट निवासी आरोपी आशुतोष प्रताप सिंह व मो आरिफ़ ख़ान को 30-30 हज़ार की दो जमानते एवं बंधपत्र देने पर शुक्रवार को रिहा करने का आदेश दिया. अदालत में बचाव पक्ष की ओर अधिवक्ता संजीव राय व विनोद शर्मा ने पक्ष रखा.



अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी राजबहादुर राय ने चोलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. आरोप था कि उसने एच.डी. डी तैंतीस टन 8 अप्रैल 2019 को किराये पर लिया था जिसका किराया व मरम्मत का 27,86,200 रूपये देने के बाद चौतीस लाख रूपया बकाया था. जिसको वादी से मांग किया तो वह 5 अक्टूबर 2020 को बकाया रूपया 34 लाख साउथ इण्डियन बैंक लखनऊ का चेक दिया.

 उपरोक्त चेक भुगतान हेतु अपने खाते में लगाया तो अपर्याप्त धनराशि होने के कारण अनाद्रित कर दिया गया. जिसकी सूचना आरोपियों ने वादी को दिया. सूचना व नोटिस तामीला के बाद भी आरोपियों का रूपया नहीं दिया तब आरोपियों द्वारा सक्षम न्यायालय में 27 नवंबर 2020 को 138 एन.आई. एक्ट के तहत मुकदमा दाखिल कर दिया गया.आरोपियों ने वादी राज बहादुर राय के विरूद्ध अ.सं. 52/2021 धारा 420, 406, 504, 506 भा.दं.स. का मुकदमा दर्ज कराया है.

 अदालत में अधिवक्ताओं ने दलील दी कि आरोपियों ने वादी को न तो अपना एच.डी.डी मशीन विक्रय किया है और न ही कोई मशीन के विक्रय के बाबत कोई लिखा पढ़ी ही किया है. चेक अनाद्रित होने पर अभियुक्त द्वारा वादी को 31 अक्टूबर 2020 को नोटिस दिया और 27 नवंबर 2020 को सक्षम न्यायालय में परिवाद दाखिल किया.

लेकिन वादी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया और न ही रूपया दिया गया बल्कि दस माह बाद कानूनी राय मशविरा लेकर अभियुक्तगण के विरूद्ध दबाव बनाने के लिए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया. अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किये जाने की याचना की गयी है.

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