समाधान दिवस बना झुनझुना, अधिकारी न होने पर बैरंग वापस लौटे फरियादी

7 मामले ही पड़े उसका भी निस्तारण नहीं, सम्बंधित अधिकारी गंभीरता से नही ले रहे इसे.
चंदौली, सकलडीहा। कोतवाली पर शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया. समाधान दिवस पर तहसील के सक्षम अधिकारी के लेट से पहुंचने पर फरियादी मायूस होकर बैरंग वापस लौट गये. इस मौके पर कुल सात प्रार्थना पत्र ही पड़े.उसका भी निस्तारण राजस्व नही हो पाया.
पीड़ितों को न्याय देने के लिए शासन की ओर से तहसील पर सम्पूर्ण समाधान दिवस और थाने पर समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है. लेकिन इसको सम्बंधित अधिकारी गंभीरता से नही ले रहे है.
शनिवार को कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में सिर्फ कोतवाल हरिनारायण पटेल लोगो की समस्या सुनते देखे गए. 12 बजे तक तहसील का कोई भी सक्षम अधिकारी नही पहुचा था. लेखपाल और राजस्व निरीक्षक रहे. इससे राजस्व संबधी मामलों का निस्तारण नही हो पाया. फरियादी शासन और प्रशासन को कोसते हुए घर वापस लौट गए.