चंदौली में रसोइयों ने प्रधानमन्त्री के नाम बेसिक को सौंपा दस सूत्रीय मांग पत्र

केन्द्र और राज्य में बैठी सरकार रसोइयों को न्यूनतम मजदूरी समान वेतन लागू करे
रसोइयों से खाना बनाने के अलावा कराया जा रहा है स्कूल का साफ सफाई
नारी सशक्तिकरण का अभियान चलाने वाली बीजेपी सरकार रसोईया में लगी नारियों का बंधुआ मजदूर की तरह करा रही काम
चंदौली, धानापुर। रसोइया संघ ने प्रधानमन्त्री के नाम दस सूत्रीय मांग पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा। इस दौरान सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश द्वारा कारगिल युद्ध के शहीदों के नाम डीडीयू लोको हॉस्पिटल में एक यूनिट ब्लड डोनेट करके रसोइयों संग बैठक किया। बैठक में अक्टूबर और दिसम्बर माह में दिल्ली में होने वाली जंतर मंतर रैली पर विचार विमर्श किया।
मुख्य अथिति सरस्वती पासवान बिहार रसोइया ने बताई कि बिहार में 1650 उत्तर प्रदेश में 2000 गुजरात में 6000 दिल्ली में 6000 कर्नाटक मे 9000 पुंडूचेरी मे 21000 हजार रसोइया को बेतन दिया जाता हैं। जिसको केंद्र सरकार व राज्य सरकार न्यूनतम मजदूरी समान बेतन लागू करे। वहीं आरोप लगाई कि महिला सशक्तिकरण का नारा देने वाली भाजपा सरकार रसोईया को बंधुआ मजदूर की तरह काम करा रही है। उनसे खाना बनाने के शिवाय विद्यालयों में साफ सफाई कराया जा रहा है। रसोइया को दस महीने के बजाय आठ से नौ महीने का ही बेतन दिया जा रहा है इसका उच्य स्तर पर जाच कर बाकी पैसा भी रसोइया का दिया जाय।
उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मा समाजसेवी ओमप्रकाश ने कहा गया की ये गूंगी बहरी सरकार रसोईया के साथ सौतेला व्यौहार कर रही है।रसोइया को सरकार ने खाना बनाने के लिए रखा है, लेकिन कुछ अधिकारी व मास्टर के मिलीभगत से आज रसोइया से विद्यालय साफ सफाई कराया जाता हैं वही सफाई कर्मचारियों द्वारा केवल फोटो खिचवा कर भेजा जाता हैं रसोइया द्वारा यदि बिरोध किया जाता हैं तो नवीनीकरण के नाम पर हटाने की धमकी दी जाती हैं, कही कही के मास्टर बच्चे कम होने का हवाला देकर निकाल देने की धमकी देते है, जिसको लेकर 21/10/2024 से 25/10/2024 तथा 2/12/2024 से 7/12/2024 को दिल्ली में जंतर मंतर पर विशाल रैली कर सरकार के समक्ष मांग रखी जायेगी। अन्त में जिले के अधिकारियों से अपील किया कि उक्त समस्याओ का समाधान किया जाय और रसोइया द्वारा प्रधान मंत्री के नाम दिए गए दस सूत्रीय मांग पत्र को भेजे।