चंदौली में जमीन के कथित फर्जीवाड़े में नायब तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो समेत आठ पर मुकदमा
पीडीडीयू नगर के पथरा गांव में जमीन के कथित फर्जीवाड़े और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर के आरोप में नायब तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो समेत आठ लोगों के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीडीडीयू नगर/चंदौली। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के पथरा गांव में जमीन के कथित फर्जीवाड़े, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर के आरोप में पुलिस ने नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल सियाराम और राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) जगदंबा सिंह समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में पांच-छह अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामला पथरा गांव की जमीन से जुड़ा बताया गया है। शिकायतकर्ता गया प्रसाद उर्फ अंगनू यादव के मुताबिक जमीन राजस्व अभिलेखों में बंजर के रूप में दर्ज थी। आरोप है कि जमीन से संबंधित दस्तावेजों में कथित तौर पर हेरफेर कर कूटरचित अभिलेख तैयार किए गए और जमीन के संबंध में बैनामा कराने का प्रयास किया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अरविंद कुमार सिंह, उनकी पत्नी उर्मिला देवी, मीना देवी, रामाश्रय यादव, सुभाष यादव के साथ नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह, लेखपाल सियाराम और कानूनगो जगदंबा सिंह को नामजद किया है। इसके अलावा पांच-छह अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन को लेकर विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उसे रास्ते में घेरकर गाली-गलौज और मारपीट की तथा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। उसका कहना है कि मामले की शिकायत पहले पुलिस और पुलिस अधीक्षक से की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

गया प्रसाद ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस के सामने अब कथित कूटरचित दस्तावेजों की वास्तविकता, राजस्व अभिलेखों में हुए बदलाव और जमीन से जुड़े अभिलेखीय रिकॉर्ड की जांच प्रमुख होगी। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि दस्तावेज तैयार करने और राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर में किन लोगों की भूमिका रही।
मुगलसराय कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह के अनुसार, जमीन के फर्जीवाड़े, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर के आरोप में न्यायालय के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और नामजद लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले ने राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।