चंदौली की पहली पंजीकृत बहुउद्देशीय सहकारी समिति बनी बसगांवा, सम्मानित हुए सफल पशुपालक

बसगांवा सहकारी समिति का जिले की पहली पंजीकृत बहुउद्देशीय समिति बनना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दुग्ध व्यवसाय के साथ मुर्गी पालन, झींगा पालन और अन्य सुविधाओं का विस्तार किसानों के लिए आमदनी के नए विकल्प खोलेगा। वैज्ञानिक पशुपालन और सहकारिता का यह मेल गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव बन सकता है।

धानापुर (चंदौली)। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों-पशुपालकों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने की दिशा में बसगांवा ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सरदार पटेल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के अंतर्गत बसगांवा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति जिले की पहली पंजीकृत समिति बनी है। इस उपलब्धि पर समिति परिसर में पशुपालक सम्मान समारोह एवं वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया गया। इसमें सफल पशुपालकों को सम्मानित करने के साथ बेहतर पशु देखभाल, पौष्टिक आहार और नियमित टीकाकरण के गुर बताए गए।

कार्यक्रम में अमूल बनास डेयरी चंदौली के जिला अधिकारी अर्जेश यादव एवं सुनीता सिंह ने पशुपालकों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाकर किसान अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकते हैं। इसके लिए पशुओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार देना, उनके रहने के स्थान पर साफ-सफाई रखना और निर्धारित समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भरता का आधार बन सकते हैं।

वहीं अभिजीत पटेल ने सरदार पटेल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की योजनाओं और सहकारी समितियों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब समिति केवल दुग्ध व्यवसाय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मुर्गी पालन, झींगा पालन, सिंचाई, दवाइयों सहित विभिन्न सुविधाओं और गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। इससे किसानों एवं पशुपालकों को एक ही स्थान पर कई प्रकार की सुविधाएं मिल सकेंगी।

समारोह के दौरान पशुपालकों के बीच साड़ी, पंखा एवं लाइट का वितरण भी किया गया। पशुपालक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जयराम मौर्य ने प्रथम, माया भटसा ने द्वितीय, गायत्री सिंह मौर्य ने तृतीय, बहादुर पाल बसगांवा ने चतुर्थ तथा शालू यादव ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। सभी सफल प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

इस अवसर पर पशु चिकित्सा अधिकारी आनंद कुमार, धानापुर के डॉ. अवधेश कुमार यादव, समिति सचिव गोलू सिंह, अध्यक्ष रमाशंकर सिंह, व्यवस्थापक रामबली यादव, अतुल सिंह, बबलू सिंह, छब्बू पासवान, रामरतन प्रजापति सहित बड़ी संख्या में पशुपालक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।