चकिया में बाल संरक्षण को लेकर प्रशिक्षण, समूह सखियों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

चकिया ब्लॉक सभागार में बाल संरक्षण को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित हुआ। NRLM की समूह सखियों को बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर संबंधित विभागों तक सूचना पहुंचाने की जिम्मेदारी के बारे में प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में बाल अधिकारों की सुरक्षा और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

चकिया, चंदौली। चंदौली जिले के चकिया ब्लॉक सभागार में 30 सितंबर 2026 को मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के संयुक्त तत्वावधान में बाल संरक्षण को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्लॉक मिशन मैनेजर मनोज कुमार की अध्यक्षता में हुए प्रशिक्षण में बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान के साथ जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में समूह सखियों को गांव स्तर पर बाल संरक्षण से जुड़ी घटनाओं की निगरानी, सूचना देने और जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी के बारे में जानकारी दी गई।

बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता पर जोर

कार्यक्रम में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार सिंह ने बाल अधिकारों की सुरक्षा और ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकार और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए समुदाय के स्तर पर लगातार जागरूकता और सक्रिय हस्तक्षेप जरूरी है। कार्यकर्ताओं से बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने का आह्वान किया गया।

बाल श्रम और बाल विवाह को सामाजिक चुनौती बताया

संस्थान के कार्यकर्ता गणेश विश्वकर्मा ने बाल श्रम, बाल विवाह और बाल तस्करी जैसी समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि इन कुरीतियों का बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता जरूरी है।

वहीं, मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की चकिया ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर संजू ने बाल विवाह और बाल श्रम से जुड़े मामलों की पहचान करने तथा ऐसे मामलों की सूचना संबंधित स्तर तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर जानकारी दी।

गांव स्तर पर समूह सखियों की भूमिका महत्वपूर्ण

प्रशिक्षण में NRLM से जुड़ी समूह सखियों को बाल संरक्षण के क्षेत्र में उनकी जमीनी भूमिका के बारे में बताया गया। गांवों में सीधे संपर्क और पहुंच के कारण समूह सखियों को बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल तस्करी तथा स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करने के लिए सजग रहने को कहा गया।

उन्हें यह भी बताया गया कि किसी बच्चे के साथ हिंसा, शोषण या अन्य गंभीर समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित बाल संरक्षण तंत्र और प्रशासन को सूचना उपलब्ध कराना जरूरी है। इससे जरूरतमंद बच्चों और परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान जरूरतमंद बच्चों और परिवारों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी चर्चा हुई। इनमें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और पेंशन जैसी योजनाओं की जानकारी पात्र परिवारों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई गई।

DCPU और NRLM के प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) से इंद्रजीत सिंह और अमन सिंह उपस्थित रहे। NRLM की ओर से ब्लॉक मिशन मैनेजर मनोज कुमार और मृत्युंजय सिंह ने सहभागिता की। इसके अलावा मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर संजू सहित बड़ी संख्या में समूह सखियां प्रशिक्षण में शामिल हुईं।

कार्यक्रम का उद्देश्य गांव स्तर पर बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों की पहचान और रिपोर्टिंग की क्षमता को मजबूत करना तथा बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी जैसी समस्याओं के खिलाफ सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना रहा।