इग्नू अध्ययन केंद्र में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का अभिमुखीकरण, मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की दी जानकारी
गौतमबुद्धनगर के बादलपुर स्थित कु. मायावती राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के इग्नू अध्ययन केंद्र में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम हुआ। विद्यार्थियों को इग्नू के पाठ्यक्रम, अध्ययन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के महत्व की जानकारी दी गई।
गौतमबुद्धनगर, 4 अक्टूबर। कु. मायावती राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बादलपुर में संचालित इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के अध्ययन केंद्र संख्या 39016 में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इग्नू की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न पाठ्यक्रमों, अध्ययन पद्धति और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अनीता रानी राठौर ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. अनीता रानी राठौर और प्रो. दीप्ति बाजपेयी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद मां सरस्वती के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किए गए। डॉ. सोनिया यादव ने अतिथियों और प्राचार्या का पुष्प भेंट कर स्वागत किया।
अभिमुखीकरण कार्यक्रम के दौरान केंद्र सहप्रभारी डॉ. संजीव कुमार ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को इग्नू की स्थापना, इतिहास और वर्तमान शैक्षणिक संरचना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों के साथ-साथ अध्ययन सामग्री, अध्ययन प्रक्रिया और मूल्यांकन व्यवस्था के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा उन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है, जो विभिन्न कारणों से नियमित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन नहीं कर पाते। इग्नू की व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थी अपनी परिस्थितियों के अनुरूप अध्ययन करते हुए उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अनीता रानी राठौर ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि इग्नू की मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का बेहतर उपयोग करते हुए अनुशासन, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से व्यक्तित्व का विकास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य का निर्माण भी होता है। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर रहते हुए इग्नू की अध्ययन व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव कुमार ने किया। अभिमुखीकरण कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और इग्नू की अध्ययन एवं मूल्यांकन व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।