एमएलसी निर्दल प्रत्याशी सुनील यादव के नामांकन में उमड़ा हुजूम, हजारों समर्थकों के साथ दाखिल किया पर्चा

वाराणसी खंड एमएलसी चुनाव में निर्दल प्रत्याशी सुनील कुमार यादव ने सोमवार को हजारों समर्थकों और करीब दो हजार वाहनों के काफिले के साथ वाराणसी कचहरी पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। उन्होंने युवाओं, किसानों, शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बताया।

चहनियां/चंदौली। वाराणसी खंड स्नातक/शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में निर्दल प्रत्याशी के रूप में युवा शक्ति संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने सोमवार को वाराणसी कचहरी पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान करीब दो हजार वाहनों के काफिले और हजारों समर्थकों की भीड़ जुटी। रास्ते में औड़िहार, सिधौना, चौबेपुर, संदहा, सारनाथ और पांडेपुर सहित कई स्थानों पर समर्थकों ने गाजे-बाजे और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया।

नामांकन के लिए वाराणसी पहुंचे सुनील यादव के समर्थन में वाराणसी खंड निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आठ जिलों से समर्थक पहुंचे। इस दौरान समर्थकों ने उनके पक्ष में नारे लगाए और चुनाव में जीत की शुभकामनाएं दीं।

नामांकन के बाद सुनील यादव ने कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में धन अर्जित करने के बजाय लोगों के बीच रहकर काम करने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि नामांकन में उमड़ी भीड़ ही उनके लिए सबसे बड़ी कमाई है। पिछले करीब 20 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के सुख-दुख में लगातार लोगों के साथ खड़े रहे हैं।

सुनील यादव ने कहा कि नामांकन के दौरान उमड़ी भीड़ बदलाव की इच्छा का संकेत है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अब राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव का मन बना लिया है और वे ऐसे लोगों को हटाना चाहते हैं, जिन्हें वे राजनीति में सौदेबाजी करने वाला मानते हैं।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसान और गरीब परिवार का योग्य बेटा विधायक या सांसद नहीं बन सकता? क्या आम आदमी की भूमिका सिर्फ मतदान करने तक सीमित रहनी चाहिए? उन्होंने कहा कि जनता को लंबे समय तक सिर्फ चुनाव के समय याद करने की राजनीतिक परंपरा में बदलाव जरूरी है।

निर्दल प्रत्याशी ने कहा कि यदि उन्हें चुनाव में जीत मिलती है तो वे सबसे पहले निधि के व्यापार की परंपरा को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार, सस्ती शिक्षा, सस्ती और पर्याप्त बिजली तथा किसानों के लिए खाद, बीज और सिंचाई जैसी सुविधाओं की व्यवस्था को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

उन्होंने कहा कि गांवों में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवाज उठाई जाएगी। उनका कहना था कि किसानों, युवाओं और आम लोगों की समस्याओं को लेकर वे चुनाव जीतने के बाद भी लगातार संघर्ष करते रहेंगे।

नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी से सुनील यादव ने अपने चुनावी अभियान में शक्ति प्रदर्शन किया। अब चुनावी मैदान में प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ने के साथ वाराणसी खंड निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज होने लगी है।

रिपोर्ट – राकेश यादव रौशन