परिषदीय अनुदेशकों के बकाया मानदेय का मुद्दा गरमाया, चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

2017 से अप्रैल 2026 तक के एरियर भुगतान की मांग, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय अनुदेशकों के लंबे समय से लंबित मानदेय (एरियर) भुगतान का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर वर्ष 2017 से अप्रैल 2026 तक के बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 7 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के परिषदीय अनुदेशकों के बकाया मानदेय (एरियर) का भुगतान लंबे समय से लंबित है। इसके कारण हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि परिषदीय अनुदेशक वर्षों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसे में न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध और पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना शासन का दायित्व है। पत्र में कहा गया है कि अनावश्यक विलंब न केवल न्यायालय के आदेशों की भावना के विपरीत है, बल्कि इससे हजारों परिवारों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों से भी गुजरना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री से तत्काल निर्देश जारी करने की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले में तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के सभी पात्र परिषदीय अनुदेशकों को वर्ष 2017 से अप्रैल 2026 तक का बकाया मानदेय (एरियर) शीघ्र अदा कराया जाए। साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पूर्ण एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री जनहित और न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले में शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश के हजारों अनुदेशकों को राहत दिलाने का कार्य करेंगे। सांसद का यह पत्र ऐसे समय आया है जब लंबे समय से बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर परिषदीय अनुदेशकों में असंतोष बना हुआ है। अब देखना होगा कि शासन स्तर से इस मांग पर क्या कार्रवाई की जाती है।