सकलडीहा में जेठानी पर 10 लाख के जेवरात चोरी का आरोप, निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन 

पारिवारिक विवाद से जुड़े चोरी के मामलों में निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों का सत्यापन जरूरी है। पुलिस को जेवरात के स्वामित्व, उनकी उपलब्ध सूची, संभावित गवाहों और शिकायत में बताए गए तथ्यों की पड़ताल करनी चाहिए। जांच में आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी मानना उचित नहीं है।

सकलडीहा, चंदौली। सकलडीहा थाना क्षेत्र के फुल्ली गांव में जेवरात चोरी का मामला सामने आने से पारिवारिक विवाद चर्चा में है। गांव की सीमावती पत्नी अरविंद कुमार ने अपनी जेठानी पूनम आर्य पत्नी स्वर्गीय श्रवण पर करीब 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने सकलडीहा थाने में तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चोरी गए जेवरात वापस दिलाने और आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

जेवरात चोरी होने का लगाया आरोप

सीमावती की ओर से पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, उसने अपनी जेठानी पूनम आर्य पर जेवरात चोरी करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने चोरी गए गहनों की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में घटना की तारीख, चोरी गए जेवरात की पूरी सूची और घटना से जुड़ी परिस्थितियों का विस्तृत ब्योरा स्पष्ट नहीं है।

पीड़िता ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि जांच के जरिए चोरी गए जेवरात का पता लगाया जाए और उसे वापस दिलाने के साथ ही दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

तहरीर के बाद पुलिस ने लिया संज्ञान

मामले में शिकायत मिलने के बाद सकलडीहा पुलिस ने इसे संज्ञान में लिया है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। यह मामला पारिवारिक संबंधों से जुड़ा होने के कारण जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कोतवाल बोले, निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई

सकलडीहा कोतवाल भूपेंद्र कुमार निषाद ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि जेवरात चोरी होने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जानी है।

फिलहाल, पीड़िता को अपने जेवरात वापस मिलने और शिकायत पर कार्रवाई होने का इंतजार है। मामले में पुलिस की जांच के नतीजे अहम होंगे।