वर्दीसाड़ा में ग्रामीणों की भूख हड़ताल समाप्त, डीसी मनरेगा ने पानी पिलाकर तुड़वाया अनशन

वर्दीसाड़ा की दलित बस्ती में भूख हड़ताल का समाप्त होना प्रशासनिक पहल का संकेत है, लेकिन ग्रामीणों की असली राहत नाली और सड़क निर्माण जैसे जरूरी कार्य धरातल पर शुरू होने से मिलेगी। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव की शिकायत के बीच अब प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

चंदौली। धानापुर ब्लॉक के वर्दीसाड़ा गांव की दलित बस्ती में नाली और खड़ंजा सड़क सहित बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर चल रही ग्रामीणों की भूख हड़ताल समाप्त हो गई। डीसी मनरेगा राजेंद्र प्रसाद चतुर्वेदी और तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह ने अनशनकारियों को पानी पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई। हालांकि, ग्रामीणों की मूल समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अब आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से ही बस्ती में सड़क, नाली और खड़ंजा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। विकास कार्य नहीं होने से लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर दिवाकर रावण के नेतृत्व में रविवार सुबह ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया था कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

भूख हड़ताल पर बैठीं कंचन देवी ने बताया कि गांव में सड़क और नाली की समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अधिकारियों का इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि किसी बीमार व्यक्ति को उपचार के लिए चारपाई पर लादकर करीब एक किलोमीटर दूर तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें लंबे समय से कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं।

आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने नाली निर्माण, खड़ंजा सड़क और अन्य जरूरी विकास कार्य कराने की मांग उठाई। इसके बाद डीसी मनरेगा राजेंद्र प्रसाद चतुर्वेदी और तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और अनशन समाप्त कराया। अधिकारियों के पानी पिलाने के बाद ग्रामीणों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी।

इस आंदोलन में कंचन देवी, मालती देवी, परमशिला देवी, सुनीता देवी, संदीप, गोलू कुमार, उमेश भारती, शनि, शेरू निगम, सिद्धार्थ, प्राण बाहु, शैलेश कुमार, दुलारे कनौजिया, श्रवण कुशवाहा, वकील यादव फौजी, डॉ. वीरेंद्र बिंद, राजेश, धारी, श्यामबिहारी, लच्छन राम, हर्ष, अर्जुन, अंकित, अरविंद, मोनू, सागर, चंदा, निशा, सूरज, नीतीश, सतीश, सुनील, राकेश, अविनाश, चंद्रिका, प्रीतम, जितेंद्र, आकाश भारती, सीमा, गीता, मुराही, मीणा, लक्ष्मण, जियुत पाल सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।