चंदौली के बहरवानी में वनवासियों का धैर्य टूटा

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कोटेदार की घटतौली और राशन लूट पर सड़क जाम, भूखमरी के खिलाफ ‘ब्लास्ट’


चंदौली, 15 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के बहरवानी गांव में वनवासी समुदाय का सब्र आखिरकार टूट गया। कोटेदार की मनमानी, राशन में घटतौली और समय पर वितरण न करने के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। पूर्ति निरीक्षक पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कोटेदार को हटाने की मांग की। भूखमरी का खतरा मंडराने पर यह आंदोलन तेज हो गया, जो गरीबों के हक की लड़ाई को नई दिशा दे रहा है।

मजदूरी की थकान में घंटों इंतजार, फिर खाली हाथ लौटना
क्षेत्र पंचायत सदस्य श्यामदुलारी वनवासी और मोहन वनवासी ने बताया कि कोटेदार कभी समय पर राशन नहीं बांटता। “दिन भर मजदूरी करके थककर लौटते हैं, तो घंटों लाइन में खड़े रहने पड़ते हैं। फिर बहाने बनाकर खाली हाथ भेज देते हैं। विरोध जताएं तो गाली-गलौज शुरू हो जाती है।” इस महीने की 15 तारीख तक उनका हिस्सा का राशन नहीं पहुंचा। उच्चाधिकारियों से बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में रोष भड़क गया।

मजदूरों की व्यथा सुनकर दिल दहल जाता है—सुबह से शाम तक खेतों में पसीना बहाएं, फिर राशन के लिए लाठियां चलाएं। एक ग्रामीण ने कहा, “बच्चे भूखे सोते हैं, क्या यही है सरकार का ‘अन्नपूर्णा’ वादा?”
सड़क जाम और ‘ब्लास्ट’: प्रशासन पहुंचा, वादा कार्रवाई का
सूचना मिलते ही एसडीएम कुंदन राज कपूर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन ग्रामीण कोटेदार हटाने पर अड़े रहे। आंदोलन में मोहन वनवासी, बिनोद, रामायन, फूलचंद, लालचंद, श्यामकुमारी, राजेश, रिंकू, फूला वनवासी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
यह घटना महज एक गांव की नहीं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है। क्या अब जिम्मेदारों पर लगाम लगेगी, या यह सिलसिला यूं ही चलेगा?

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