चंदौली जनपद को सूखाग्रस्त घोषित कर राहत पैकेज दे सरकार : अजय राय

बारिश के इंतजार में किसानों की आंखे पथराई, सावन के महीने में खेतो में उड़ रही धूल
आईपीएफ नेता ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री को एक्स हैंडल पर लिखा पत्र
चन्दौली। बारिश के इंतजार में चंदौली ही नहीं पूर्वांचल के कई जिलों के किसानों की आंखे पथरा गई हैं इसलिए किसानों की तरफ से चंदौली जनपद को सूखा ग्रस्त प्रभावित जिला घोषित करने की मांग उठ रहीं हैं ! आईपीएफ नेता अजय राय ने मुख्यमंत्री जी को एक्स हैंडल पर पत्र भेजकर कहां कि अवगत हो कि इस वर्ष मानसून लेट हो जाने व अभी तक बारिश न होने के कारण जहां धान की रोपाई नहीं हो पा रही है वहीं अन्य फसलों को काफी नुकसान हो रहा है।
उत्तर प्रदेश की पूर्व की सरकारों ने जुलाई के प्रथम सप्ताह तक बारिश न होने पर सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को मुवावजा देती रही है! लेकिन जुलाई का अंतिम सप्ताह हैं पानी नहीं बरस रही हैं बंधे के सहारे कई जनपदों के किसानों ने कुछ खेती किया हैं लेकिन वह भी पानी के अभाव में सुख रहीं हैं ! राबर्ट्सगंज व चंदौली जनपद के किसान जबरदस्त सूखे के चपेट में हैं ! यहां तक कि देश के रक्षा मंत्री माननीय राजनाथसिंह के गांव के किसानों ने कई वर्ष से सूखे का दंश झेल रहें हैं! स्थिति यह हैं कि पुरे उत्तर प्रदेश का किसान इस समय बहुत ही संकट के दौर से गुजर रहें है।
उत्तर प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करते हुए किसानों को मुवावजा दिलवाने व किसानों को 18 घंटे बिजली मुहैया कराने , किसानों के लिए सूखा राहत पैकेज जारी करने, नहरों में पानी व सरकारी पम्पिंग सेट से सिंचाई की त्वरित व्यवस्था करने, निजी ट्यूबवेल के लिए निःशुल्क बिजली देने, मनरेगा में काम बढ़ा कर और मजदूरी दर 600 रु देने की मांग की हैं तथा सभी तरह की किसानों से वसूली माफ किया जाए !
जानकारी हो कि भोकाकट परियोजना को भोका बांध से जोड़ने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा व मजदूर किसान मंच ने कई बार आंदोलन किया। इलाकाई विधायक कैलाश खरवार ने हामी भी भरी, लेकिन वो उनका वादा भी कोरा साबित हुआ ! पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बिहार में सूखे के चलते हाहाकार मचा है। पिछले दो-तीन दिनों से आसमान में बादल अठखेलियां तो कर रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही हैं। माड़-भात पर भी संकट मंडरा रहा है। पहले बांध के पानी से धान की रोपाई हो जाया करती थी और अबकी बंधों का पानी सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं है !
पखवाड़े से चंदौली जिले में एक बूंद बारिश नहीं हुई है। सावन में खेतों में धूल उड़ रही है। पंपसेट के पानी से जिन किसानों ने धान की नर्सरी लगाई थी वो पीली पड़कर सूख रही है। जनकपुर माइनर से जुड़े 27 गांवों के किसानों ने अफसरों के यहां मरम्मत कराने के लिए दुहाई दी, अपनी व्यथा सुनाई, लेकिन सब बेअसर रहा हैं
इसलिए सरकार को किसानों के हीत के लिए आगे आना चाहिए व राहत पैकेज देना चाहिए !