बसपा सभी दस सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार : मायावती

लखनऊ, 11अगस्त। उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई है. अक्सर उपचुनाव में दूर रहने वाली बहुजन समाज पार्टी ने भी इस बार सभी दस सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अकेले उतरने का ऐलान किया है, जिसके लिए पार्टी ने काम शुरू कर दिया है।
फोटो: बसपा सुप्रीमो मायावती की फाइल फोटो
उन्होंने पार्टी की बैठक में कहा कि केंद्र और यूपी की सरकार महंगाई,बेरोजगारी, पिछड़ेपन से ध्यान हटाने के लिए बुलडोजर का सहारा ले रही और धार्मिक उन्माद फैला रही है। साथ ही उन्होंने मस्ज़िद मदरसा संचालन और वक्फ में ज़बरदस्ती दखलंदाज़ी का भी आरोप लगाया। वही आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को बीएसपी विधानसभा उपचुनाव में बड़ा मुद्दा बना सकती है।
फूलपुर और मंझवा विधान सभा सीट से उम्मीदवारों की घोषणा
मायावती ने रविवार को लखनऊ में स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में यूपी स्टेट पार्टी यूनिट के सीनियर पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की अहम बैठक ली। इस बैठक में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए पिछली बैठक में दिए गए जरूरी दिशा-निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट लेने के साथ ही विधानसभा उपचुनाव को लेकर जमीनी तैयारियों की गहन समीक्षा किया। मायावती ने इस बैठक में फूलपुर और और मंझवा से पार्टी उम्मीदवार का ऐलान भी कर दिया है।
बीएसपी गरीबों और शोषितों की पार्टी
मायावती ने पार्टी संगठन की तैयारियों के संबंध में पार्टी की जोनवार समीक्षा रिपोर्ट लेने के बाद पार्टी के लोगों से आग्रह किया कि बीएसपी गरीबों और शोषितों की पार्टी है इसलिए इसके अनुयायी पूरे तन, मन, धन से अपने सहयोग में आए तो पार्टी और मूवमेंट के लिए बेहतर होगा।
बसपा के फैसले से बिगड़ी भाजपा-सपा की चाल
यूपी में होने वाले उपचुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सभी सीटों के प्रभारियों से संभावित मजबूत उम्मीदवारों की सूची मांगी है, लेकिन बसपा के लिए ये राह आसान नहीं है. क्योंकि जिन सीटों पर उपचुनाव होना है उन सीटों पर बसपा की स्थिति मजबूत नहीं है. उपचुनाव को लेकर यूपी की लड़ाई बहुत दिलचस्प बनी हुई है. इस बार बसपा चुनाव में अकेले ताल ठोक रही है. ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती की रणनीति ने एनडीए हो या इंडिया गठबंधन दोनों की नींद उड़ा रही है.
यूपी के इन सीटों पर होने वाले हैं उपचुनाव
उत्तर प्रदेश की जिन दस सीटों पर चुनाव होना है उनमें करहल, मिल्कीपुर, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर सीट शामिल हैं. इनमें से नौ सीटें विधायकों के सांसद बनने के बाद खाली हुई है, जबकि एक सीट सीसामऊ सपा विधायक इरफान सोलंकी को सात की सजा मिलने की वजह से खाली है. इरफान सोलंकी की सजा पर अगर स्टे लग जाती है तो इस सीट पर उपचुनाव नहीं हो पाएंगे.



