उनके गांव फत्तेपुर में किया गया सुपुर्दे खाक
चंदौली, जनपद के फत्तेपुर निवासी पूर्व सूबेदार मेजर फिरोज खान को रविवार शाम 7 बजे तिरंगे की आखिरी सलामी दी गयी। उनके सुपुर्दे खाक के आखिरी सफर पे पूर्व जवानों का संगठन वेटरन्स एसोसिएशन चंदौली द्वारा अपने साथी को सलामी के तौर पर तिरंगा अर्पित कर सैल्युट दिया गया। इस दौरान 25सों भूतपूर्व सैनिकों ने अंतिम यात्रा में शामिल हो सुपुर्दे खाक की रस्म अदा की।
इस अवसर पर मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी “फौजी” ने बताया कि फिरोज खान मूलतः ग्राम फत्तेपुर, जो सदर चंदौली में पड़ता है,के रहने वाले थे। उनकी मूलतः लालन पालन गाँव मे ही हुआ, और जिले के ही शिक्षण संस्थानों में शिक्षा दीक्षा ग्रहण किया। वह सिपाही के पद पर 1985 में भर्ती होकर लगभग 30 साल तक देश की सेवा कर, सूबेदार मेजर के पद से 2015 में रिटायर हुए। उसके बाद उन्होंने 2019 में जिला न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य करने लगे।
फिरोज खान बहुत ही सामाजिक प्रतिष्ठित और मिलनसार ब्यक्ति थे।वे जवानों की बात दमखम से उठाते थे। अपने पीछे बूढ़े पिता, पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री छोड़कर गए हैं। उनके जाने से हम सभी जवानों ने कर्मठ जवान को खो दिया है। उनकी उम्र लगभग 50 साल की थी। उनके इस असामयिक निधन से जिले के सभी भूतपूर्व सैनिक स्तब्ध है।
जिला सचिव नसीम अहमद ने कहा कि वेटरन्स एसोसिएशन पीड़ित परिवार के साथ हमेशा खड़ा है। सैनिकों का सम्मान, देश का सम्मान करने जैसा है।
सुपुर्दे खाक में कैप्टन एवम वेटरन्स के जिलाध्यक्ष विजय नारायण सिंह यादव, प्रदेश सचिव राजेश्वर राजवंत,कैप्टन एस एन गुप्ता, कैप्टन एन के सिंह,कैप्टन राजेन्द्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष नसीम अहमद, कोषाध्यक्ष बीरेंद्र प्रताप सिंह, सूबेदार अशफाक अहमद, सूबेदार मदन मोहन शर्मा, सूबेदार महेंद्र सिंह, हवलदार भुवनेश्वर सिंह, हवलदार प्रदीप सिंह आदि आदि के साथ साथ आसपास गांव के सैकड़ो लोग शामिल रहे।