मख़दुमाबाद- लौंदा में शब-ए-बेदारी 3 व पचासे का जुलूस 4 सितंबर को-आसिफ इकबाल

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शहीदाने कर्बला का पचासवां दिन खासतौर पर आयोजित होगा 

ताजिया का जुलूस मरहूम सगीर दादा के दरवाज़े से इमाम चौक तक अंजुमन जौव्वादीया के अज़ादार लेकर निकलेंगे

चंदौली, हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी अलीनगर थाना क्षेत्र के मख़दुमाबाद-लौंदा गांव में कर्बला के शहीद इमाम हुसैन अ. समेत 72 साथियों की याद में पचासे पर शब-ए-बेदारी की होगी. जिसमें शोहदा-ए-कर्बला (कर्बला के शहीदों) को ख़िराज-ए-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश की जायेगी.


फोटो – पत्रकारवार्ता में उपस्थित अंजुमन जौव्वादीया के अध्यक्ष आसिफ इकबाल व अन्य 

मंगलवार की रात में इमाम चौक पर शब-ए-बेदारी का आयोजन किया जायेगा. जिसमें रात भर इमाम हुसैन और उनके जां नशीनों की बेहिसाब कुर्बानियों को याद किया जायेगा.यह जानकारी अंजुमन जौव्वादीया के अध्यक्ष आसिफ़ इकबाल ने पत्रकारों को दी.

उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी 72 शोहदाये कर्बला की याद में अंजुमन जौव्वादीया के जानीब से 199 वां पचासा मनाया जा रहा है. जिसमें 3 सितंबर, मंगलवार को बाद नमाज़ असर शाम 4:30 बजे अलम का जुलूस निकलेगा व बाद नमाज़ इशा रात 9 बजे ताजियां का जुलूस मरहूम सगीर दादा के दरवाज़े से इमाम चौक तक अंजुमन जौव्वादीया के अज़ादार लेकर निकलेंगे.

अंजुमन जौव्वादिया के प्रबंधक/सचिव व मीडिया प्रभारी फरहान अहमद ने बताया कि गम ए हुसैन के सिलसिले में इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला का पचासवां दिन खासतौर पर आयोजित होता है. यह दिन पचासे के रूप में मनाया जाता है.

शब-ए-बेदारी में ये अंजुमने करेगी सीनाजनी

3 सितम्बर की रात इमाम चौक पर शब-ए-बेदारी (रातभर जागकर मौला को याद करना) जिसमें बाहर से नौहांखानी और मातम करनें के लिए अंजुमन गुलशने अब्बास शाहगंज जौनपुर, अंजुमन सदाये हक अहलेसुन्नत कटेसर रामनगर चन्दौली, अंजुमन अहलेसुन्नत गुलामाने मुस्तफा शकुराबाद चन्दौली, चंदौली व अंजुमन हैदरी सैयदराजा, बुदांव चंदौली आ रही है। जिसकी नेज़ामत शहंशा मिर्जापुरी, मायल चन्दौलवी व हाजी नुरूल हक करेगें। 

उठेगा आलम और ताजियां का जुलूस

प्रबंधक व सचिव फरहान अहमद ने कहा कि 3 सितंबर को शब-ए-बेदारी के पहलें गावं में आलम और ताजियां का जुलूस उठाया जाएगा. अलम में अलग-अलग किस्म के बड़े व छोटे कई झंडे लेकर लोग चलते हैं. अलम को पूरे सम्मान के साथ कोट स्थित मख्दुमशाह बाबा के नीम के पेड़ पर झुकाकर चौक दरवाजे रखा जाता है. इसके बाद रात में यहां रखने वाले ताजियां को बनाने में दिनभर गांव के कई युवा सजाने संवारने में लगे रहते हैं. यह जुलूस हमारे हुज़ूर मोहम्मद पैगंबर के नवासे इमाम हुसैन की याद में निकाला जाएगा. इमाम चौक पर शबेदारी होगी यह सिलसिला पूरी रात चलेगा.

जंजीरी मातम के साथ निकलेगा पचासे का जुलूस

4 सितंबर को बाद नमाज़ जोहर 2 बजे अंजुमन जौव्वादीयां की तरफ़ से शबे ब्याज़ परवेज़ अहमद लाडले, आसिफ़ इकबाल, अर्शद जमाल पप्लू, तमशीर मिल्की, मुख्तार अहमद अप्पू, फैज अहमद कैप्सी व शान बाबू नौहांखानी करेगें. उसके बाद पूरे गाँव का भ्रमण कर एक बड़ा जुलूस निकलेगा, जिसमें युवाओं द्वारा जंजीर का मातम होंगा. जुलूस जिस- जिस रास्ते से गुजरेगा उसमें अपने-आप नौजवान, बुजुर्ग, बच्चे व हर वर्ग के लोग शामिल होतें चले जायेगे. जुलूस में काफ़ी संख्या में युवा और बुजुर्गों की भागीदारी रहती है. जुलूस इमामबाड़े पहुंचने के बाद ठंडा किया जायेगा. आखिर में लकड़ी की कलाबाजी और तलवारें भांजकर प्रोग्राम को समाप्त किया जाएगा.

प्रशासन से गुजारिश न हो कोई तकलीफ

3 सितंबर को शाम 4 बजे से अलम के जुलूस से सिलसिला शुरू होगा और रात 9 बजे ताजियां उठेगी, जो इमाम चौक पर बैठेगी. वहीं 4 सितंबर को दोपहर दो बजे ताजिया का एक बड़ा जुलूस निकलेगा और इमामबाड़े पर समाप्त हो जाएगा. फरहान अहमद ने बताया कि जुलूस में बड़े स्तर पर लोगों की भागीदारी होती है. इसलिए, प्रशासन से गुज़ारिश है कि सुरक्षा के साथ सड़कों को दुरुस्त रखा जाए. लोगों को कोई दिक्कत का सामना न करनी पड़े. पत्रकारवार्ता में उमैर अहमद सोनू मास्टर, डा तारीक़ अली, अज़ीम अहमद पिंटू, सद्दाम हुसैन, मोज़ीब अहमद मिल्की रहे।

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