रविदास जयंती देश भर में हर्षोल्लास से मनाई गई

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गुरुद्वारों को सजाया गया, प्रार्थना सभाएं आयोजित की गई, और शोभा यात्राएं निकाली गई


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जनपद बनारस समेत देश के कई शहरों में गुरु रविदास जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई .इस दिन गुरुद्वारों को सजाया गया, प्रार्थना सभाएं आयोजित की गई, और शोभा यात्राएं निकाली गई.

15वीं और 16वीं शताब्दी में भक्ति आंदोलन के एक पूज्य संत गुरु रविदास को एकता, भक्ति और मानवता की सेवा के अपने शक्तिशाली संदेश के लिए जाना जाता है.
समता, स्वतंत्रता, जातिविहीन, वर्णविहीन सुखी समाज के पक्षधर, आडम्बर, कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त आवाज बुलंद करने वाले, भारत की संत परंपरा को आगे ले जाने वाले, सभी को मिले अन्न की परिकल्पना करने वाले महान योगी, ज्ञानी और हिंदी साहित्य में “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उद्घोष करने वाले भक्तिकाल के अमर कवि, काशीवासी संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती देश के कई शहरों में मनाई गई.

उनकी शिक्षा हमें मानवता की सेवा, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती हैं. उनके ये आदर्श सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे. गुरु रविदास जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार कर मानवता, समता, शांति और सद्भावना का संदेश दिया. उनके महान विचार देश को सदैव रास्ता दिखाएंगे.

इस अवसर पर कई राज्यों ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड ने राज्यव्यापी अवकाश घोषित किया है, जबकि दिल्ली सरकार ने भी सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.

पंजाब और हरियाणा में चंडीगढ़, मोहाली, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में सरकारी कार्यालय और स्कूल बंद रहेंगे. उत्तराखंड में सचिवालय और कोषागार को छोड़कर राज्य सरकार के सभी संस्थानों में बुधवार को अवकाश घोषित किया गया. राज्य सरकार स्वच्छता अभियान भी चलाएगी और गुरु रविदास के सम्मान में उनकी प्रतिमाओं को सजाएगी.

दिल्ली सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना में सभी सरकारी कार्यालयों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए अवकाश की पुष्टि की गई, जिससे राजधानी के निवासियों को पूज्य संत की जयंती मनाने की अनुमति मिल गई।

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