हिरासती मौतों में प्रदेश अव्वल-माले

अल्पसंख्यक और दलित सर्वाधिक प्रताड़ित, इरफान की मौत की न्यायिक जांच हो
लखनऊ, 20 जनवरी। भाकपा (माले) ने संभल जिला के नखासा थाना क्षेत्र की रायसत्ती पुलिस चौकी में इरफान (40) की सोमवार को मौत के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने आज जारी बयान में कहा कि योगी सरकार में मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ रही हैं. हिरासती मौतों में प्रदेश अव्वल है. अल्पसंख्यक और दलित सर्वाधिक प्रताड़ित हैं. संभल में इरफान के परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी और थर्ड डिग्री से मौत का आरोप लगाया है.
खबर के अनुसार, लेनदेन की एक मामूली शिकायत में पुलिस उसे घर से खींचकर चौकी लाई थी. वह गरीब परिवार का था और पल्लेदारी का काम करता था. परिवार में पत्नी व पांच बच्चे हैं. पुलिस मौत की वजह हार्ट अटैक बता रही है. घटना के विरोध में आक्रोशित जनता ने पुलिस चौकी का घेराव किया प्रदर्शनकारियों की आवाज पुलिस बल लगाकर दबा दी गई.
माले नेता ने कहा कि परिवारीजनों के आरोपों और मौत को देखते हुए घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने मानवाधिकार आयोग से भी घटना का स्वतः संज्ञान लेकर स्वतंत्र जांच करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।



