10 सितंबर से सजेगा बाबा कीनाराम जन्मोत्सव मेला, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

चंदौली। बाबा कीनाराम जन्मोत्सव समारोह को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 10 से 12 सितंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विभागों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए समय से सभी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें मंदिर प्रशासन के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। डीएम ने मेले की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जन्मोत्सव में दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में मेला क्षेत्र में सफाई, पेयजल, बिजली और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए।
24 घंटे सफाई पर जोर
डीएम ने मेला क्षेत्र में 24 घंटे सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। मंदिर परिसर, मेला स्थल और आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों पर नियमित सफाई कराने को कहा गया। बारिश के मौसम को देखते हुए जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर पहले से इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं के आवागमन वाले रास्तों पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति न बने, इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ड्यूटी लगाने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।
बिजली आपूर्ति रहेगी निर्बाध
मेले के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विद्युत विभाग को पहले से सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया। डीएम ने विद्युत लाइनों और उपकरणों की जांच कराने के साथ किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।
मेला क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने को भी कहा गया, ताकि रात में श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।पेयजल व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने और उसकी नियमित निगरानी करने को कहा गया।
चिकित्सा व्यवस्था रहेगी तैयार
मेले में भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने या चोट लगने की स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके, इसके लिए चिकित्सा टीम और जरूरी दवाएं उपलब्ध रखने को कहा गया। महिलाओं और बच्चों की सुविधा का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में चेंजिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र बनेगा
भीड़ के बीच परिजनों से बिछड़ने वाले बच्चों और अन्य लोगों की मदद के लिए खोया-पाया केंद्र को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र में कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। यहां से विभिन्न व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाएगी। किसी तरह की समस्या सामने आने पर संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देकर कार्रवाई कराने की व्यवस्था रहेगी।
अग्निशमन वाहन रहेगा तैनात
जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र में अग्निशमन की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अग्निशमन वाहन ऐसी जगह तैनात रहे, जहां से जरूरत पड़ने पर वह तुरंत मौके पर पहुंच सके। मेला स्थल का निरीक्षण कर आग से संबंधित संभावित खतरों को पहले से चिह्नित करने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने को कहा गया।
बिना जांच नहीं चलेंगे झूले
बारिश के मौसम को देखते हुए मेले में लगने वाले झूलों को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना तकनीकी जांच के किसी भी झूले का संचालन नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी झूलों की फिटनेस, विद्युत कनेक्शन और सुरक्षा मानकों की जांच करेंगे। जांच में सुरक्षित पाए जाने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। डीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। विशेषकर बच्चों के मनोरंजन से जुड़े झूलों में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन कराया जाए।
रूट डायवर्जन और पार्किंग पर जोर
मेले में आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी तैयारी की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने क्षेत्राधिकारी को रूट डायवर्जन की योजना पहले से तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए निर्धारित स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की जाए। मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस और यातायात कर्मियों की तैनाती की जाए।आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के आवागमन के लिए रास्ता खाली रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
भीड़ वाले स्थानों पर रहेगी निगरानी
जन्मोत्सव के दौरान मंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रवेश और निकास व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। भीड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी स्थिति में भीड़ अनियंत्रित न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे।श्रद्धालुओं को रास्ते, पार्किंग और दर्शन व्यवस्था की जानकारी देने के लिए आवश्यक स्थानों पर सहायता व्यवस्था भी रखने को कहा गया है।
अधिकारियों को समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि जन्मोत्सव समारोह शुरू होने से पहले सभी विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर लें। अधिकारियों को मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान किसी भी विभाग की लापरवाही श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी पारितोष मिश्रा, मंदिर प्रशासन के प्रतिनिधि समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
तीन दिवसीय बाबा कीनाराम जन्मोत्सव समारोह को लेकर प्रशासन की तैयारियां तेज होने के साथ मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम भी शुरू हो गया है। प्रशासन का जोर इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने पर है।