12 सूत्रीय मांगों को लेकर पेंशनरों का धरना, प्रधानमंत्री- मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
चंदौली। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर मंगलवार को चंदौली में सेवानिवृत्त पेंशनरों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सदर तहसीलदार को सौंपकर आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण को स्पष्ट रूप से शामिल करने समेत विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई। कार्यक्रम में अध्यक्ष रामनगीना सिंह, संरक्षक शिवबच्चन सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश पति सिंह, जिला मंत्री रामकवल सहित सैकड़ों सेवानिवृत्त पेंशनर शामिल रहे।
पेंशनरों का कहना है कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पुराने पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर देशव्यापी आह्वान के तहत चंदौली में भी पेंशनरों ने अपनी आवाज बुलंद की।

12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
धरना-प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। पेंशनर संगठनों की ओर से आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों की पेंशन पुनरीक्षण का स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।पेंशनरों ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों से जुड़े मामलों में स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में पेंशन पुनरीक्षण को लेकर किसी प्रकार का भ्रम या असमानता उत्पन्न न हो।
सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर अंतर की आशंका
प्रदर्शनकारियों ने सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर पेंशन पुनरीक्षण में संभावित अंतर का मुद्दा भी उठाया। पेंशनरों का कहना है कि अलग-अलग समय पर सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के बीच पेंशन पुनरीक्षण को लेकर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।उन्होंने सरकार से मांग की कि आठवें वेतन आयोग से संबंधित प्रावधानों में पेंशनरों के हितों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन
धरना-प्रदर्शन के बाद पेंशनरों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से 12 सूत्रीय मांगों पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।पेंशनरों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़े हितों से संबंधित हैं। इसलिए सरकार को इन मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
सैकड़ों पेंशनर रहे मौजूद
कार्यक्रम में अध्यक्ष रामनगीना सिंह, संरक्षक शिवबच्चन सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश पति सिंह और जिला मंत्री रामकवल के अलावा अर्जुन प्रसाद आर्य, पशुपतिनाथ सिंह, चंद्रिका प्रसाद, झगड़ू विश्वकर्मा, भृगुनाथ सिंह, देवनारायण तिवारी, हफीजुल्लाह, कामेश्वर प्रसाद, श्यामनारायण सिंह, हरिद्वार सिंह, बहादुर प्रसाद, कलावती देवी, दीनानाथ शर्मा, रामशकल, गोरखनाथ सिंह, शिवमूरत सिंह, शिवमोहन राम, कृष्णानंद पांडेय, ब्रजेश सिंह, छविनाथ मौर्य, कैलाश पति सिंह, कृष्णा गिरी, अरुण सिंह और अवधनारायण सिंह सहित सैकड़ों सेवानिवृत्त पेंशनर मौजूद रहे।
पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाते हुए आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को लेकर स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग दोहराई।