बहेरी गांव में डॉ.अंबेडकर प्रतिमा पर बवाल: भूमि विवाद ने मचाया हंगामा

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नायब तहसीलदार के आश्वासन पर मामला शांत 

सटीक संवाद,10अप्रैल 2026। चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील के बहेरी गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना बन गई विवाद का केंद्र। गुरुवार को खाली जमीन पर प्रतिमा लगाने के प्रयास से स्थानीय निवासियों और समर्थकों के बीच भारी टकराव हो गया। भूमि अतिक्रमण के आरोपों ने आग में घी डाल दिया, जिससे प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।



विवाद की जड़ें और तनाव का चरम
विवाद तब भड़का जब बसपा और भीम आर्मी समर्थकों ने गांव की विवादित खाली जमीन पर प्रतिमा लगाने की कोशिश की। स्थानीय घनश्याम सिंह और विशाल सिंह जैसे निवासियों ने जमकर विरोध जताया, दावा किया कि यह उनकी निजी भूमि के मार्ग पर मूर्ति लगाकर अतिक्रमण कर रहे है। सैकड़ों समर्थक जुट गए, नारेबाजी हुई और स्थिति युद्धक्षेत्र जैसी हो गई। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बवाल रोका। नायब तहसीलदार दिनेश शुक्ला ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर ही वैकल्पिक सुरक्षित स्थान चिन्हित कर प्रतिमा लगवाई जाएगी। तब कहीं समर्थक शांत हुए।



प्रशासन की कार्रवाई से भड़का आक्रोश
प्रशासन ने यातायात सुधार और अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर प्रतिमा हटाने की कोशिश की, बिना किसी पूर्व सूचना के। इससे सैकड़ों समर्थक सड़क पर उतर आए, बसपा ने आंदोलन की चेतावनी दी। नारों और तनातनी के बीच अंततः प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। यह घटना स्थानीय राजनीति को गरमा चुकी है।

पृष्ठभूमि और व्यापक प्रभाव
सकलडीहा क्षेत्र में अंबेडकर प्रतिमा विवाद नई नहीं—पहले कम्हारी और कंदवा गांवों में खेत-खलिहानों पर स्थापना से झड़पें हो चुकी हैं। समर्थक इसे संविधान निर्माता के प्रति सम्मान मानते हैं, जबकि विरोधी भूमि मालिकाना हक का हवाला देते हैं। अप्रैल 2026 तक ऐसे विवाद यूपी के ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहे हैं, जो सामाजिक सम्मान और संपत्ति अधिकारों के टकराव को उजागर करते हैं। प्रशासन अब संतुलन बनाने की कोशिश में जुटा है, लेकिन तनाव बरकरार है।

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