नये कानून भारतीय न्याय संहिता 2023 ने महिला अधिकारों को बनाया है सशक्त- प्रियंका सिंह

भारतीय दंड संहिता 1860 अब है भारतीय न्याय संहिता 2023
रिपोर्ट ! राकेश यादव रौशन
चंदौली,मारूफपुर।भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) 1860 की जगह बने भारतीय न्याय संहिता 2023 ने महिलाओं के अधिकारों को अधिक मजबूत बनाया है। जिससे महिला संबंधी अपराधों में त्वरित न्याय मिलेगा। यह कहना है महिला थाना प्रभारी अलीनगर एसआई प्रियंका सिंह के । वे गुरुवार को हमारे संवाददाता से मुखातिब थीं।
महिला थानाध्यक्ष प्रियंका सिंह ने आगे बताया कि महिलाओं से संबंधित अपराध जैसे बलात्संग और पास्को एक्ट की विवेचना को दो माह के भीतर पूरी करने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही महिलाओं के अपराध में उनके बयान को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 180 (3) के तहत किसी महिला पुलिस अधिकारी या किसी महिला अधिकारी द्वारा ही लिखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि महिलाओं पर होने वाले किसी भी तरह के अपराध की रोकथाम के लिए महिला थाना बना हुआ है, जिसमें आकर महिलाएं अपना प्रार्थना पत्र दे सकती हैं और उन पर उचित कार्रवाई भी की जाएगी।