सुरक्षा को लेकर रेल विभाग व सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे में : माले

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गोंडा रेल दुर्घटना मे हुई मौतों पर पार्टी ने जताया गहरा शोक 

लखनऊ, 18 जुलाई। भाकपा (माले) ने आज दोपहर गोंडा के निकट 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की दुखदायी घटना में मौतों पर गहरा शोक व परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। पार्टी ने अपनी गोंडा इकाई को घायलों का हालचाल जानने और भरसक मदद के लिए कहा है।
 


माले राज्य सचिव सुधाकर यादव ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि रेलवे सुरक्षा को लेकर भारतीय रेल और केन्द्र सरकार एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने बचाव कार्य युद्ध स्तर पर करने, घायलों को तत्काल मेडिकल केयर देने व उनका पुनर्वास करने, मृतकों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा देने और बार-बार हो रही रेल दुर्घटनाओं पर सुरक्षा संबंधी गहन समीक्षा करने की मांग की।

कहा कि एक महीना पहले ही कंचनजंघा एक्सप्रेस भीषण रुप से पश्चिम बंगाल में दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी और पांच दर्जन से ऊपर घायल हुए थे। उसके एक साल पहले उड़ीसा के बालासोर में हुई ट्रेन दुर्घटना में करीब 300 मारे गए थे और 1100 घायल हुए थे। तब भी रेलवे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए थे।

राज्य सचिव ने कहा कि डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की ताजा घटना में 14 डिब्बों के बेपटरी होने से अभी तक चार मौतें, दो यात्रियों के पैर कट जाने और दो दर्जन यात्रियों के घायल होने की सूचना है। कहा कि करोड़ों रुपये महंगी रेलें चलाने पर खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन रेल व यात्री सुरक्षा के नाम पर लगातार लापरवाही हो रही है। इसकी जांच होनी चाहिए और ठोस उपाय किये जाने चाहिए, ताकि भविष्य में रेल दुर्घटनाओं को रोका जा सके। 

माले नेता ने कहा कि रेलवे स्टाफ की संख्या में लगातार कटौती की जा रही है, निजीकरण व ठेकाकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। रेलवे का सुरक्षा तंत्र, रखरखाव और आधुनिकीकरण निरंतर सरकार की आपराधिक लापरवाही का शिकार बन रहा है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। रेलवे को निजीकरण नहीं, आधुनिकीकरण और पर्याप्त नई भर्तियों की जरुरत है, जिसमें सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना शामिल है।

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