खेल से न सिर्फ़ शारीरिक और मानसिक विकास होता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा व सौहार्द भी कायम रहता है -सतीश प्रकाश

नामचीन पहलवानों ने कायम रखा पुरानी परंपरा, नागपंचमी पर अखाड़ा में दिखाया दांव पेंच
चंदौली, सटीक संवाद। जिले के अनेकों गांवों में विलुप्त हो रही पुरानी परंपराएं झूला, कजरी, कुश्ती आज देखने को मिली. जैसे कमालपुर में स्वर्गीय घुरफेक बिंद की स्मृति में नाग पंचमी पर दंगल आयोजन युवा समिति की ओर से पंचायत भवन पर कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया.इसमें स्थानीय व क्षेत्रीय पहलवानों ने प्रतिभाग कर अपने अपने कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया. कुश्ती दंगल प्रेमी पहलवानों के हर एक दांव पर दर्शक ताली बजाकर उनका उत्साह वर्धन करते रहे.
कुश्ती दंगल में राजेश ने दयाल को, आशीष ने महेंद्र को, मधुप ने अशोक को, प्रमोद ने राजेश को, धीरेंद्र ने राजेश को, अमरीश ने मोनू को पटकनी दिया. पहलवानो के दांव पेंच को देखने के लिए दंगल प्रेमियों की काफी भीड़ जुटी रही. कमालपुर चौकी प्रभारी सतीश प्रकाश ने कहा कि खेल से न सिर्फ़ शारीरिक और मानसिक विकास होता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा व सौहार्द भी कायम रहता है. नामचीन लोगों ने गांवों में पुरानी परंपरा को कायम रखा है, जो आज नागपंचमी पर अखाड़ा में देखने को मिल रही है. युवा पीढ़ी पुरानी परंपरा कुश्ती दंगल को बचाने का काम कर रही है. यह बहुत ही सराहनीय कार्य है. हम सभी की जिम्मेदारी है की पुरानी परंपरा को जीवित रखे.
इस मौके पर जायसवाल प्रधान, नीरज अग्रहरि पत्रकार, शंभू बिंद, अर्जुन बिंद, दिलीप त्रिशूलिया, अरविंद वर्मा, संजय बिंद, चंदन बिंद, गुड्डू बिंद, बिनोद बिंद, विशाल यादव, कंपा प्रजापति, धनंजय बिंद, शुभम मौर्य, जनार्दन राम, चंद्रशेखर बीडीसी, मल्लू बिंद, ऐनु अली, संजय त्रिशूलिया,गौरी राम, सोनू यादव, वहीद अली, संजीत यादव, मंजय बिंद, गुड्डू बिंद आदि रहे।