चंदौली में पांच पुराने मामले में दोषियों को सजा

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चन्दौली। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत चन्दौली पुलिस की प्रभावी पैरवी, वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्य संकलन के परिणामस्वरूप पांच अलग-अलग मामलों में अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई।

थाना चकिया के वर्ष 2006 में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में अभियुक्त हरिओम पुत्र भूने निवासी खोजापुर, थाना चकिया को न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन/जेएम चकिया ने न्यायालय उठने तक की सजा और 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

थाना मुगलसराय के वर्ष 1995 में दर्ज धारा 452, 323 भादवि के मामले में अभियुक्त राजेश पुत्र चेखुर डोम निवासी मुगलसराय को न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी प्रथम ने न्यायालय उठने तक की सजा और 2,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर तीन दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

थाना चकिया के वर्ष 2011 में दर्ज धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के मामले में अभियुक्त बृजेश यादव पुत्र शंकर यादव निवासी गोगहरा, थाना बबुरी को न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन/जेएम चकिया ने जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 2,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

थाना मुगलसराय के वर्ष 2019 के धारा 3/25 आर्म्स एक्ट मामले में अभियुक्त अयूब शाह पुत्र याकूब शाह निवासी 510/62 हुकुलगंज चकिया, थाना कैंट, वाराणसी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चन्दौली की अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 2,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर दो दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं, थाना इलिया के वर्ष 2024 में दर्ज धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के मामले में अभियुक्त संदीप यादव पुत्र झन्ना यादव निवासी बैरा, थाना चकिया को न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन/जेएम चकिया ने न्यायालय उठने तक की सजा और 50 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

पुलिस के अनुसार, इन सभी मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलाने में अभियोजक विजय कुमार पाण्डेय (एपीओ) तथा संबंधित पैरोकार हेड कांस्टेबल वीर बहादुर, अश्वनी राय और कांस्टेबल प्रियांशु प्रजापति की प्रभावी पैरवी सराहनीय रही।

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