चकरघट्टा में मारपीट और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप, सीओ से FIR की गुहार
चकरघट्टा के हनुमानपुर में मारपीट और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाते हुए शिवचरण कोल ने सीओ नौगढ़ से FIR और मेडिकल परीक्षण की मांग की है। पीड़ित ने मामले को रफा-दफा करने के लिए समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
चंदौली। चकरघट्टा थाना क्षेत्र के हनुमानपुर गांव में 26 सितंबर की रात सामान खरीदने गए शिवशरण कोल ने दो भाइयों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक मारपीट के दौरान उसे पानी में गिरा दिया गया, जिससे चोट लगने के साथ कपड़े फट गए और मोबाइल भी खराब हो गया। घटना के बाद 112 पर सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए शिवचरण ने पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने के लिए समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित ने सीओ नौगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

हनुमानपुर गांव निवासी शिवशरण पुत्र स्वर्गीय शंकर कोल के अनुसार, वह 26 सितंबर की रात करीब आठ बजे गांव स्थित भगवान की दुकान पर सामान खरीदने गया था। आरोप है कि इसी दौरान गांव का धर्मेंद्र यादव वहां पहुंचा और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करने लगा।
शिवशरण का कहना है कि उसने इसका विरोध किया तो धर्मेंद्र यादव ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान धर्मेंद्र का भाई नन्दिनी कांत उर्फ मंजू यादव भी वहां पहुंच गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और उसे पानी में गिरा दिया।
पीड़ित के मुताबिक, मारपीट के दौरान उसके कपड़े फट गए और शरीर में चोटें आईं। उसका मोबाइल फोन भी पानी में गिर गया, जिससे वह खराब हो गया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

घटना के बाद शिवशरण ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी। उसके अनुसार, सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं, प्रार्थना पत्र में 108 एंबुलेंस सेवा से तत्काल सहायता नहीं मिल पाने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद मझगाई चौकी के प्रभारी अरविंद यादव मौके पर जांच करने नहीं पहुंचे। शिवचरण का दावा है कि मामले में कार्रवाई करने के बजाय उसे समझौता करने के लिए दबाव दिया गया, ताकि प्रकरण को रफा-दफा किया जा सके।
शिवशरण ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह घटना के बाद न्याय की उम्मीद लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा है। उसने मामले की निष्पक्ष जांच, सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित ने सीओ नौगढ़ से आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।
भीम आर्मी ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग
मामले का संज्ञान लेते हुए चंदौली भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रामचंद्र राम ने जिला प्रशासन से प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। रामचंद्र राम ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
हालांकि, पीड़ित द्वारा लगाए गए मारपीट, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की ओर से आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच और कार्रवाई के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित ने अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और उसे न्याय दिलाने की मांग की है।