चंदौली में POCSO अधिनियम को लेकर विधिक जागरूकता शिविर, बच्चों को गुड टच-बैड टच और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
POCSO अधिनियम-2012 और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आलोक इंटर कॉलेज में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, असुरक्षित स्थिति में तत्काल विश्वसनीय व्यक्ति को सूचना देने, निःशुल्क कानूनी सहायता और प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
चंदौली। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंदौली की ओर से गांधी जयंती के उपलक्ष्य में POCSO अधिनियम-2012, महिला एवं बाल अधिकारों तथा निःशुल्क कानूनी सहायता को लेकर चलाए जा रहे विशेष विधिक जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को आलोक इंटर कॉलेज चंदौली में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंदौली निकिता गौड की अध्यक्षता में हुए शिविर में छात्र-छात्राओं को लैंगिक अपराधों से संरक्षण के कानूनी प्रावधान, गुड टच-बैड टच, महिला एवं बाल अधिकार और सहायता के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से यह विशेष जागरूकता अभियान 25 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसके द्वितीय चरण का आयोजन 2 अक्टूबर को प्रस्तावित है। अभियान का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों तथा सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के प्रति जागरूक करना है।
असुरक्षित स्पर्श का विरोध करने से न डरें
शिविर को संबोधित करते हुए पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड ने छात्र-छात्राओं को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि किसी भी ऐसे स्पर्श या परिस्थिति से असहज महसूस होने पर उसका विरोध करने में डरना नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ असुरक्षित स्थिति या लैंगिक अपराध से जुड़ी घटना होती है तो उसे चुप रहने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। समय पर जानकारी मिलने से पीड़ित बच्चे को आवश्यक सहायता और कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
POCSO कानून के सख्त प्रावधानों की दी जानकारी
सचिव ने बताया कि बच्चों को लैंगिक अपराध, उत्पीड़न और शोषण से सुरक्षा प्रदान करने के लिए POCSO अधिनियम-2012 में विशेष कानूनी प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में उचित कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में महिला एवं बाल अधिकारों तथा निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता के लिए संबंधित प्राधिकरण से संपर्क किया जा सकता है।
विद्यालय प्रशासन से संवेदनशील रहने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों से भी बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क और संवेदनशील रहने का आह्वान किया गया। कहा गया कि विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी बच्चे द्वारा असहज स्थिति या किसी घटना की जानकारी दिए जाने पर उसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
शिविर में महिला कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही विषम परिस्थितियों में सहायता के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया गया, ताकि बच्चे और महिलाएं जरूरत के समय संबंधित सहायता प्राप्त कर सकें।
इन हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
शिविर में नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1090 तथा 181 की जानकारी दी गई। छात्राओं को विशेष रूप से अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा किसी परेशानी की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग करने के लिए कहा गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं, विद्यालय स्टाफ तथा पीएलवी उपस्थित रहे। विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने के साथ ही उन्हें अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
POCSO अधिनियम-2012 और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आलोक इंटर कॉलेज में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, असुरक्षित स्थिति में तत्काल विश्वसनीय व्यक्ति को सूचना देने, निःशुल्क कानूनी सहायता और प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई