CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चंदौली में कांग्रेस, सपा का प्रदर्शन, पुतला फूंककर इस्तीफे की मांग
SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों का विरोध उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक पहुंच गया है। चंदौली समेत विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन व पुतला दहन कर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई, जबकि कुछ स्थानों पर पुलिस कार्रवाई भी हुई है।
चंदौली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चंदौली में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और उनका पुतला फूंका। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर विरोध जताया है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
चंदौली के अलावा उत्तर प्रदेश के हापुड़, जौनपुर, वाराणसी, हमीरपुर और कौशाम्बी समेत कई जिलों में भी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग स्थानों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।
वाराणसी में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नाराजगी जताई। वहीं हमीरपुर में भी सपाइयों ने इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जौनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंककर विरोध जताया। कौशाम्बी में पुतला दहन के बाद पुलिस की कार्रवाई भी सामने आई है।
कौशाम्बी में प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन को लेकर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इससे पहले भी अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बनने की खबरें सामने आती रही हैं।
विपक्षी दलों का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और चुनाव संचालन को लेकर है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा होनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर दोनों दलों की ओर से विभिन्न राज्यों और जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुतला दहन और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई भी सामने आई है। ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक विरोध के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा में है।
चंदौली में हुए प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।