नगवां गंगा तट पर बालू खुदाई ने लिया हिंसक रूप, धानापुर थाना चौराहे पर दो पक्षों में मारपीट, पुलिस व्यवस्था पर सवाल
धानापुर थाना चौराहे पर दो पक्षों में मारपीट की घटना सामने आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, लेकिन खराब सीसीटीवी के कारण घटना का प्रत्यक्ष फुटेज नहीं मिल सका। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
चंदौली। धानापुर थाना चौराहे पर गुरुवार को 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी के बावजूद दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। कविता स्वीट हाउस के पास हुई घटना से चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। वहीं, घटनास्थल के पास लगा सीसीटीवी कैमरा खराब होने के कारण मारपीट का घटनाक्रम रिकॉर्ड नहीं हो सका।

बताया जा रहा है कि नगवां गंगा तट पर बालू खुदाई को लेकर दो ठेकेदारों के बीच विवाद चल रहा था। इसी सिलसिले में दोनों पक्ष चौराहे पर आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद मारपीट शुरू होने की बात सामने आई है। विवाद की शुरुआत किस पक्ष से हुई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल
थाना चौराहे जैसे प्रमुख स्थान पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद मारपीट की घटना सामने आने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग कराया और स्थिति को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर मौके पर फोर्स की मौजूदगी भी बनाए रखी गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद की पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस को ऐसे मामलों पर समय रहते नजर रखने की जरूरत है। हालांकि घटना के समय पुलिसकर्मियों की वास्तविक स्थिति और उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
खराब सीसीटीवी से नहीं मिला फुटेज
कविता स्वीट हाउस के पास लगा सीसीटीवी कैमरा खराब बताया जा रहा है। इस वजह से घटना का प्रत्यक्ष वीडियो उपलब्ध नहीं हो सका। अब घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर रहना होगा।
प्रमुख चौराहे पर सीसीटीवी के काम नहीं करने को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठे हैं। ऐसे स्थानों पर निगरानी व्यवस्था दुरुस्त रहने से किसी घटना की वास्तविक स्थिति सामने लाने में मदद मिल सकती है।
कथित धमकियों की चर्चा, पुष्टि नहीं
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा पूर्व में कथित तौर पर धमकी दिए जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन्हें फिलहाल स्थानीय चर्चाओं तक ही सीमित माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी विवाद को समय रहते गंभीरता से लेने से स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकती है। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। घटना में शामिल लोगों की भूमिका और विवाद की वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।