सकलडीहा में लेखपालों ने ऑनलाइन काम किया बहिष्कार, ग्रुप से भी हुए बाहर, हड़ताल की चेतावनी
लेखपालों के ऑनलाइन कार्य बहिष्कार से सकलडीहा तहसील क्षेत्र के राजस्व संबंधी काम प्रभावित होने लगे हैं। संघ आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत है और 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।
सकलडीहा, चंदौली । आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार से सकलडीहा तहसील के लेखपालों ने ऑनलाइन राजस्व कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया। इसके साथ ही लेखपाल राजस्व विभाग के वाट्सऐप ग्रुप से भी बाहर हो गए। संघ ने थाना दिवस में काली पट्टी बांधकर विरोध जताने और 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर चल रहे आंदोलन के तहत सकलडीहा तहसील के करीब 40 लेखपाल पहले ही 100 गांवों का अतिरिक्त प्रभार छोड़ चुके हैं। इसके बाद इन गांवों में ऑनलाइन राजस्व कार्य प्रभावित हैं। अब 8 अक्टूबर से लेखपालों ने अपने तैनाती वाले गांवों में भी ऑनलाइन कार्य बंद कर दिया है। इससे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, जमीन की पैमाइश सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने लगे हैं।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह और तहसील अध्यक्ष अरुण अवस्थी के नेतृत्व में लेखपालों ने गुरुवार को विरोध जताते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि संघ वर्ष 2016 से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है, लेकिन करीब 10 वर्ष बीतने के बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ है।
लेखपालों की प्रमुख मांगों में स्थानांतरण नीति में सुधार, ग्रेड पे और विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी शामिल है। संघ का कहना है कि कई भत्तों में लंबे समय से वृद्धि नहीं हुई है। मांगों के समर्थन में लेखपालों ने बीते शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का भी बहिष्कार कर धरना दिया था।
सकलडीहा तहसील में कुल करीब 125 लेखपाल तैनात हैं। अतिरिक्त गांवों का प्रभार छोड़े जाने और अब ऑनलाइन कार्य के बहिष्कार से बड़ी संख्या में ग्रामीणों के राजस्व संबंधी काम प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। जमीन की पैमाइश, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र समेत अन्य कार्यों के लिए फरियादियों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी थाना दिवस में लेखपाल काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। इसके बाद मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लेखपाल हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं।
विरोध प्रदर्शन में तहसील अध्यक्ष अरुण अवस्थी के अलावा वीरेंद्र कौशल, अनिल कुमार, धर्मेंद्र मौर्य, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, आशा सिन्हा, रंजना सिंह, पूजा सिंह, अनिल गुप्ता, आलोक पांडेय, विजय यादव, सुभाष, राजेश पासवान, विजय जायसवाल समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।