सकलडीहा पुलिस खूनी खेल खेलने वाले को दबोचा: भेजा सलाखों के पीछे

बहरवानी की खूनी वारदात के बाद 33 दिनों तक फरार रहा जानलेवा हमले का आरोपी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। सकलडीहा पुलिस की मुस्तैदी और लगातार कार्रवाई ने साफ कर दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून से बचकर ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकता। यह गिरफ्तारी पीड़ित परिवार के लिए न्याय की उम्मीद मजबूत करने के साथ अपराधियों के लिए भी कड़ा संदेश है कि कानून हाथ में लेने वालों का अंजाम अंततः सलाखें ही हैं।

चंदौली। अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है सकलडीहा पुलिस ने। थाना सकलडीहा की तेज-तर्रार पुलिस टीम ने पुरानी रंजिश में खूनी खेल खेलने वाले वांछित अभियुक्त को धर दबोचा है।

थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद की अगुवाई में पुलिस ने दिखाई मुस्तैदी

पुलिस अधीक्षक के अपराध मुक्त चंदौली के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद की टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सटीक सूचना पर आज सुबह 08:20 बजे पुलिस ने घेराबंदी कर ग्राम बहरवानी निवासी 23 वर्षीय अभियुक्त करन पुत्र गोरख को गिरफ्तार कर लिया।

जब लहूलुहान कर दिया था पूरा परिवार

27 सितंबर की वो काली शाम बहरवानी गांव कभी नहीं भूलेगा। पुरानी रंजिश की आग में जल रहे पप्पू नट, परदेशी नट, शिवा, सलमान और करन ने एकजुट होकर रमायन नट के परिवार पर कहर बरपाया था। गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते जानलेवा हमले में बदल गया। लाठी-डंडों से लैस हमलावरों ने रमायन, राजू और शिवानी को बेरहमी से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया था। पीड़ित की चीख-पुकार सुनकर गांव थर्रा गया था।

पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मु.अ.सं. 194/2026 धारा 191(2), 109(1), 115(2), 351(3), 352 BNS के तहत सनसनीखेज मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अपराधियों के लिए सख्त संदेश

थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद ने स्पष्ट कहा- “चंदौली में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी कानून हाथ में लेगा, उसे सलाखों के पीछे जाना ही होगा।”

फिलहाल पुलिस ने अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।

गिरफ्तारी में इनकी रही अहम भूमिका:
उ.नि. जनक सिंह, का. हेमन्त राज और का. उपेन्द्र सिंह की मुस्तैदी से मिली सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सकलडीहा पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।