वाराणसी जोन में दिवाली से पहले 130 कुंतल पटाखे पकड़ाए, 35 मुकदमे; 48 गिरफ्तार
दीपावली की खुशियों के बीच अवैध पटाखों का कारोबार जनसुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। वाराणसी जोन के नौ जिलों में करीब 130 कुंतल पटाखों की बरामदगी और 48 गिरफ्तारियां इस खतरे की व्यापकता को सामने लाती हैं। त्योहार सुरक्षित तभी होंगे, जब बारूद का अवैध कारोबार थमेगा और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होगा।

वाराणसी। दीपावली से पहले अवैध पटाखों के कारोबार पर वाराणसी जोन पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा के निर्देशन में नौ जनपदों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान करीब 130 कुंतल अवैध पटाखे बरामद किए गए। पुलिस ने 35 मुकदमे दर्ज करते हुए कुल 48 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। बरामद पटाखों की कीमत सवा करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इस कार्रवाई से अवैध पटाखों का निर्माण, भंडारण और बिक्री करने वालों में हड़कंप मचा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर आगामी त्योहारों धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ पर्व और देव दीपावली को देखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया। अभियान के तहत वाराणसी जोन के भदोही, मऊ, बलिया, मीरजापुर, आजमगढ़, जौनपुर, सोनभद्र, चंदौली और गाजीपुर में पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए अवैध पटाखों का बड़ा भंडार पकड़ा।
भदोही में सबसे अधिक पटाखे बरामद
जनपदवार कार्रवाई में भदोही पुलिस ने छह मुकदमों में आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर 3417 किलो अवैध पटाखे बरामद किए। मऊ में आठ मुकदमों में आठ आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ 2377 किलो, बलिया में चार मुकदमों में 10 आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ 2241 किलो पटाखे बरामद हुए।

इसी क्रम में मीरजापुर में छह मुकदमों में छह आरोपितों से 1313 किलो, आजमगढ़ में चार मुकदमों में पांच आरोपितों से 1055 किलो, जौनपुर में दो मुकदमों में तीन आरोपितों से 949 किलो और सोनभद्र में एक मुकदमे में दो आरोपितों से 918 किलो अवैध पटाखे बरामद किए गए।
वहीं चंदौली में दो मुकदमों में दो आरोपित गिरफ्तार किए गए और 628 किलो पटाखे बरामद हुए। गाजीपुर में दो मुकदमों में चार आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ 523 किलो अवैध पटाखे जब्त किए गए। सभी आरोपितों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई है।
अवैध भंडारण से बड़े हादसे का खतरा
अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा ने पटाखा कारोबारियों और व्यापार संघों से अपील की है कि बिना लाइसेंस पटाखों का निर्माण, भंडारण और बिक्री न करें। उन्होंने कहा कि अवैध पटाखों का कारोबार केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि आम जनता और श्रमिकों की जिंदगी के लिए भी गंभीर खतरा है। अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों और घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों में पटाखों का असुरक्षित भंडारण कभी भी बड़े अग्निकांड का कारण बन सकता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि पटाखों की दुकानें केवल चिन्हित खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही लगाई जाएं। इसके लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त लाइसेंसधारी व्यापारी ही अधिकृत होंगे। दुकानों में लाइसेंस के अनुसार निर्धारित मात्रा में ही पटाखे रखे जाएं और दुकान का आकार भी तय मानकों के अनुरूप हो। इसके साथ ही प्रत्येक दुकान पर अग्निशमन यंत्र और आग बुझाने के अन्य जरूरी संसाधन रखना अनिवार्य होगा।
देव दीपावली तक जारी रहेगी कार्रवाई
एडीजी ने व्यापारियों से सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और प्रशासन-पुलिस के निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पटाखों की बिक्री करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियों के साथ पर्यावरण, स्वास्थ्य और जनसुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। रिहायशी इलाकों से दूर खुले मैदानों में अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम के बीच ही पटाखों की दुकानें लगाई जाएं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध पटाखों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान देव दीपावली तक लगातार जारी रहेगा। त्योहारों के उल्लास को किसी हादसे में बदलने से रोकने के लिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।