योगी सरकार में दलितों पर हमले बढ़े : माले

पार्टी के जांच दल ने रायबरेली का किया दौरा , तीन दलित हत्या की न्याय की मांग की
लखनऊ, 12 जनवरी। भाकपा (माले) ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी की सरकार में दलितों पर हमले की घटनाओं में तेजी आई है. पार्टी ने रायबरेली में दलित हत्या की तीन अलग-अलग घटनाओं में मृतकों व पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की है.
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने पार्टी के जांच दल की रिपोर्ट के हवाले से सोमवार को कहा कि रायबरेली में एक सप्ताह के भीतर तीन दलितों की हत्या हुई है. छह सदस्यीय जांच दल ने राज्य समिति सदस्य विजय विद्रोही के नेतृत्व में घटना स्थलों का दौरा किया. दल के सदस्यों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर घटनाओं की जानकारी ली और उन्हें ढांढ़स बधाया.
दल की जांच रिपोर्ट के अनुसार दो हत्याएं सलोन थानाक्षेत्र के उमरन गांव में बीती दो से सात जनवरी के बीच, जबकि तीसरी घटना बगल के रसूलपुर गांव में नौ जनवरी को हुई. पुलिस इन घटनाओं में उचित कार्रवाई करने के बजाय दुर्घटना या आत्महत्या का रुप देने और लीपापोती करने में लगी है.
खुन्नू (50) की लाश तीन जनवरी को उमरन गांव में पेड़ की डाल से लटकी मिली. उसके पैर मफलर से बंधे थे और फोन व पैसे गायब थे. वह एक दिन पहले ही भट्ठा मजदूरों को मजदूरी देने के लिए मालिकों से रकम लेकर आया था. इसमें कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस आत्महत्या बता रही है.
दूसरी घटना में रामखेलावन (50) की हत्या बीच कस्बे में सड़क किनारे सात जनवरी की रात हुई. उसे कुल्हाड़ी और चाकू से मारा गया था. इसमें पुलिस ने गांव के लोगों के भारी आक्रोश के दबाव में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की. घटना में कई लोगों के शामिल होने की आशंका है, लेकिन रफादफा करने की कोशिश चल रही है.
हत्या की तीसरी घटना रसुलपुर गांव में 9 जनवरी को हुई. इसमें पुलिस दुर्घटना से हुई मृत्यु साबित करने में जुटी हुई है.
भाकपा (माले) राज्य सचिव ने कहा कि भाजपा राज में उत्तर प्रदेश दलित उत्पीड़न में अव्वल बना हुआ है. उन्होंने दलित हत्या की उक्त घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आए. उन्होंने उमरन गांव की दोनों हत्याओं में कहा कि पीड़ित दोनों परिवार भूमिहीन हैं और मजदूरी से भरण-पोषण करते हैं. दोनों परिवारों को एक-एक हेक्टेयर जमीन और 20-20 लाख रु मुआवजा दिया जाए.
पार्टी के जांच दल में विद्रोही के अलावा जिला सचिव उदय पटेल, अखिल भारतीय किसान महासभा के फूलचंद्र मौर्य, अंबेडकर-भगत सिंह यूथ ब्रिगेड के अमित यादव व गुड्डू सोनकर और मजदूर नेता राम सजीवन शामिल थे.