पाठशालाएं बंद की जा रही हैं और मधुशाला की दुकानें बढ़ाई जा रही हैं: अर्जुन आर्या

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गौरवशाली इतिहास पर पर्दा डालकर तथाकथित दुर्व्यवस्थाओं का इतिहास बनाया जा रहा, शहीदों के त्याग और बलिदान की अस्मिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं

चंदौली। यूपी के चंदौली जिले के सदर ब्लॉक के श्रीकण्ठपुर स्थित शोभनाथ इण्टर कॉलेज में 77 वे गणतंत्र दिवस समारोह को बड़े ही हर्ष पूर्वक मनाया गया. ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई. विद्यालय के बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए.
 


कार्यक्रम में शिरकत करते हुए बतौर मुख्य अतिथि लॉर्ड बुद्धा डॉ अंबेडकर सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद आर्य ने कहा आज का पावन दिन हमारे राष्ट्र के गौरव, आत्मसम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्सव है. 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अपनाकर यह सिद्ध किया कि हमारी ताकत, हमारी विविधता, एकता और कानून के शासन में निहित है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हम केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि समान अधिकारों, कर्तव्यों और सपनों से जुड़ा हुआ एक सशक्त राष्ट्र हैं.



भारत को एक सम्पूर्ण, प्रभुत्व-सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक, न्याय, विचार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाले बाबा साहब डॉ अंबेडकर को नमन किया और कहा बंधुता को बढ़ाने के लिए, दृढ़ संकल्प होकर इस संविधान को अंगीकृत,अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं. 

देश के वर्तमान परिवेश को देखते हुए जिम्मेदारानों के ठीकरे पर तुलमुल तर्क दिया और आज के रहनुमाओं एवं रहबर से सजग रहने और अपने भविष्य का निर्माण स्वयं करने के लिए शिक्षा की ओर प्रेरित किया. कहा आज हमारे देश को विश्वगुरु और विकसित होना चाहिए, किंतु दुर्भाग्य है पाठशालाएं बंद की जा रही हैं और मधुशाला की दुकानें बढ़ाई जा रही हैं.

गौरवशाली इतिहास पर पर्दा डालकर तथाकथित दुर्व्यवस्थाओं का इतिहास बनाया जा रहा है. जिससे देश को आजादी दिलाने में शहीद उन सभी अमर सपूतों के त्याग और बलिदान की अस्मिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसके लिए संकल्प लीजिए कि हम नफरत नहीं, संवाद चुनेंगे; भेदभाव नहीं, समानता अपनाएंगे; और स्वार्थ नहीं, राष्ट्रहित को प्राथमिकता देंगे और अंत में कहा आइए शपथ लें हिंदू मुस्लिम में ना दंगा रहे, सबके दिलों में प्रेम की गंगा बहे, हम रहे ना रहे पर हमारा संविधान और लहराता तिरंगा रहे.

इस अवसर पर एड रामजन्म बागी, एड अरविंद कुमार पंकज, लल्लन कुमार, रामसुभाष, वंशराज, प्रेम शंकर, जगदीश, जयप्रकाश, निर्मला, प्रधान प्रवेश कुमार, भोलू सिंह, रमेश मौर्य, शिवमूरत मौर्य, ममता, सपना, खुशबू, सहित सैकड़ों महिलाएं पुरुष और छोटे छोटे बच्चों ने कार्यक्रम में संबल प्रदान किया।

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