नहरों माइनरों की साफ-सफाई खानापूर्ति-अजय राय

जगह-जगह टूट रहीं नहर और माइनर, किसकी बनेगी जवाबदेगी
चंदौली,चकिया। सरकार के द्वारा नहर माइनरों की सफाई के नाम पर आए कम पैसों का असर या ठेकेदारों , सिंचाई विभाग के अधिकारियों और सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों की आपसी कमीशनखोरी का नतीजा हैं कि नहर माइनरों में पानी आतें ही जगह-जगह टुटनी शुरू हो गई हैं.
कई लोग लिखते हैं कि सरकार के लाख प्रयास के बाद भी नहर माइनरों की सफाई में खानापूर्ति हो रहीं हैं. हम तो सवाल उठा रहें हैं कि नहरों की सिल्ट सफाई और माइनरों की घास- पात की सफाई के नाम पर सरकार बहुत कम पैसा भेजती हैं वहीं दाद में खुजली की तरह.
चर्चा तो यह भी हैं कि अधिकारियों व सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों को भी अपनी हिस्सा चाहिए तो ठेकेदारों को अपनी कमाई सभी का कमीशन देखें तो खाक नहरों- माइनरों की सफाई होगी और किसानों के खेतों तक सही समय में पानी पहुंच पाएगा.
आईपीएफ व मजदूर किसान मंच की तरफ से कर्मनाशा और बंधी डीविजन से जूडे नहरों- माइनरों, की साफ सफाई और मरम्मत की जानकारी लिया तो पाया कि केवल खानापूर्ति की गयी हैं. नतीजा हैं की पथरहवा -वोदारें माइनर पानी आते ही टूट गयी. क्योंकि साफ सफाई में खानापूर्ति हुई थी.
गौरी माइनर की सफाई की खानापूर्ति की किसानों द्वारा लगातार शिकायत मिल रहीं हैं , उचेहरा माइनर में एक तरफ पानी था तो दुसरी तरफ सफाई में अन्य जगहों की तरह खानापूर्ति. माननीय रक्षा मंत्री जी के गांव में भमौरा माइनर की सफाई के लिए जहां कम पैसा भेजा गया वहीं कुछ किसान नेता खुद और कुछ नेता के परिवार के सदस्य सिंचाई विभाग में ठेकेदारों के लिस्ट में हैं और ठेकेदारी कर रहें तो इस खानापूर्ति के लिए हम किसे जवाबदेही दे.
सिल्ट सफाई और माइनरों की घास फुस्स हटाने के लिए कम पैसा दिया या भ्रष्टाचार मुक्त हर विभाग की बात करने की दावेदारी करने वाले सरकार को या भय मुक्त होकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कमीशनखोरी करने वाले जनप्रतिनिधियों को और खानापूर्ति करने वाले सिंचाई विभाग के ठेकेदारों का नतीजा हैं कि जब किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत हैं तो कहीं नहर टूट रहीं हैं तो कहीं माइनर ..
आईपीएफ राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय ने जहां सरकार से लगातार नहरों माइनरों की सफाई के लिए ज़रूरत के हिसाब से पैसा देने की मांग करता हैं. वहीं खानापूर्ति कराने व करने वाले सिंचाई विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर सिंचाई विभाग के मंत्री को अपने संगठन की तरफ से पत्र भेजा हैं.
कर्मनाशा से निकलीं नहरों व माइनरों की साफ-सफाई में सिंचाई विभाग के लगातार सक्रिय रहने वाले व किसानों के लिए हर समय उपलब्ध व किसानों की शिकायतों पर ध्यान देने वाले एसडीओ राकेश तिवारी ने जो करइल के किसानों के राहत के लिए कुछ सुधार लाने का प्रयास किया कि आज किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा हैं.
उन्हीं के प्रयास से कुछ सिंचाई विभाग के जेई सिंचाई मुनीराज व कविराज जी कॉलोनी में किसानों की समस्या सुनने के लिए उपलब्ध रहते हैं और चंद्रप्रभा से जूडे धर्मेन्द्र जी नहीं तो बंधी डीविजन ,पंचम या अन्य को खोजते रहें. वह कभी-कभी दिखाई देते हैं वह किसानों की समस्या को हल क्या करेंगे ?