माले ने राज्य दमन के खिलाफ किया प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन

पार्टी ने अपने दो नेताओं के विरुद्ध जिला बदर आदेश निरस्त करने और लखीमपुर खीरी के किसान नेता रामदरस की रिहाई की मांग की
लखनऊ, 8 अक्टूबर। भाकपा (माले) ने राज्य दमन के खिलाफ मंगलवार को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी ने अपने दो नेताओं – सीतापुर में जिला पंचायत सदस्य अर्जुन लाल के विरुद्ध जिला बदर का आदेश निरस्त करने और लखीमपुर खीरी में किसान नेता रामदरस की रिहाई की मांग की.
राजधानी लखनऊ में परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाले गए मार्च का नेतृत्व भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने किया. मार्च की समाप्ति पर कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया गया.
सीतापुर में जिला मुख्यालय पर हुई विशाल प्रतिवाद सभा को भाकपा (माले) की केंद्रीय समिति के सदस्य श्रीराम चौधरी व अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के प्रदेश सचिव राजेश साहनी ने संबोधित किया.
लखीमपुर खीरी मे प्रदेशव्यापी विरोध दिवस के तहत शहीद नसीरुद्दीन मौजी मैदान से मार्च निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर अपर जिलाधिकारी को (एडीएम) को ज्ञापन दिया गया। केंद्रीय समिति सदस्य व ऐपवा प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी ने मार्च का नेतृत्व किया.
प्रयागराज, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, चंदौली, बनारस, सोनभद्र, मिर्जापुर, रायबरेली, गोंडा, पीलीभीत, जालौन, मथुरा सहित विभिन्न जिलों में भी विरोध मार्च निकाले गए.
इस मौके पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर राज्य दमन और दलित उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है. हरगांव (सीतापुर) में अर्जुन लाल को जिला बदर करने का आदेश उनके निर्वाचन क्षेत्र की जनता के प्रतिनिधित्व से वंचित करने की कार्रवाई है. यह पंचायती राज व्यवस्था पर सरकार का हमला है.
नेताओं ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अर्जुन लाल का वोट खरीदने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन वे झुके नहीं पंचायत सदस्य चुने जाने के बाद से भाजपा के इशारे पर प्रशासन उन्हें प्रताड़ित करता रहा है. पिछली बार भी (2022 में) उन्हें जेल भेजा गया था। वे जनता के मुद्दों पर हरगांव से लेकर जिला मुख्यालय तक लोकतांत्रिक तरीके से निरंतर संघर्ष करते रहे हैं और प्रशासन को घेरते रहे हैं। उन्हें फंसाने के लिए मुकदमों में फर्जी रुप से नामजद कर दिया गया.
वक्ताओं ने आगे कहा कि अर्जुन लाल को जिला बदर करने का आदेश बदले की कार्रवाई से प्रेरित है. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने लोकसभा क्षेत्र (धौरहरा) से विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार को जिताने के लिए पूरी ताकत लगाई. उक्त चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की हार और इंडिया गठबंधन के सपा प्रत्याशी की जीत हुई थी. इसीलिए दलित सामाजिक पृष्ठभूमि के संघर्षशील नेता अर्जुन लाल को दमन का आसान शिकार बनाया गया.
अंत में वक्ताओं ने कहा कि लखीमपुर खीरी में अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता और भाकपा (माले) की उत्तर प्रदेश राज्य समिति के सदस्य कॉमरेड रामदरस हार्ट के गंभीर मरीज हैं. उन्हें दशकों पुराने फर्जी मुकदमे में 19 सितंबर 2024 को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे जिले में होने वाले किसान सम्मेलन के कार्यक्रम का प्रचार कर रहे थे. किसान नेता तबसे जेल में हैं. दोनों नेताओं अर्जुन लाल और रामदरस पर दमनात्मक कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है.