रोजगारविहीन, कारपोरेट परस्त उत्तर प्रदेश की बजट : माले

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संगम में नहाने का साफ पानी तक उपलब्ध कराने में फेल है सरकार
लखनऊ, 20 फरवरी। भाकपा (माले) ने गुरुवार को विधानसभा में पेश किए गए योगी सरकार के वर्ष 2025-26 के बजट को रोजगारविहीन और कारपोरेट परस्त बजट बताया है। 

राज्य सचिव सुधाकर यादव ने योगी सरकार 2.0 के चौथे बजट पर त्वरित प्रतिक्रिया में कहा कि बेरोजगारी की विकराल समस्या को कम करने के लिए जरूरी रोजगार सृजन पर ध्यान नहीं दिया गया है। बजट की दिशा से आम आदमी का नहीं, पूंजीपतियों का भला होगा। विस्थापन को बढ़ावा मिलेगा। भूमि अधिग्रहण से किसान लुटेंगे। स्कीम वर्करों के लिए बजट में कुछ नहीं है, जबकि सरकारी कर्मचारी घोषित करने और मानदेय बढ़ाने के लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। माइक्रो फाइनेंस के कर्जे माफ करने के सवाल पर चुप्पी साधी गई है, जो प्रदेश में कर्जग्रस्त परिवारों की अहम जरूरत है। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आवंटन अपर्याप्त है। प्रदेश की समस्याओं के निवारण के लिहाज से कहीं से भी डबल इंजन वाली सरकार का बजट नहीं लगता है। यह निराशाजनक है। 
राज्य सचिव ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ में लोगों की जानें गईं, अब तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य पर बन आई है। संगम का पानी नहाने लायक नहीं है, क्योंकि उसमें मलीय जीवाणु (फिकल कोलीफॉर्म) मौजूद हैं। यह बात केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की जांच रिपोर्ट कह रही है। महाकुंभ पर करोड़ों खर्चने वाली सरकार संगम में नहाने के लिए तीर्थयात्रियों को साफ पानी तक मुहैय्या कराने में फेल है। 
अब जब तथ्य सामने आ गया है, तो उस पर लीपापोती करने और आस्था की आड़ में उसे नकारने की मुख्यमंत्री द्वारा कोशिश की जा रही है। यह सरकार महाकुंभ की मार्केटिंग करने में लगी है, तीर्थयात्रियों की जान और स्वास्थ्य की उसे कोई परवाह नहीं है। सरकार अपनी नाकामी स्वीकार करे।

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