आपसी भाईचारा, दान और खुशियों का प्रतीक है ईद- रामचंद्र राम

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चंदौली, नौगढ़। इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक ईद-उल-फितर जो संयम, इबादत और आत्मशुद्धि के महीना रमजान के पूरे 30 दिन रोजा रखने के बाद आता है. यह त्योहार आपसी भाईचारे, दान और खुशियों का प्रतीक माना जाता है. इस विशेष त्योहार पर सुबह की नमाज के बाद सभी नामाजिये एक साथ अल्लाह से मुल्क में अमन चैन और शांति की दुआऐं मांगते हैं. यह उक्त बातें नौगढ़ के भुलही, तिवारीपुर, सोनवार गावों में नमाजियों से मिलकर ईद की बधाईयां देने के बाद सटीक संवाद से प्रेस वार्ता कर रामचंद्र राम ने कही. वहीं समाज में भाईचारा व एकता का सन्देश दिया और भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी को मजबूत बनाने के लिए संकल्पित भी हुए.

सोनवार प्रधान बरहक अंसारी ने बताया कि इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है. ईद में बच्चों को घर वाले रिश्तेदार ईदी के तौर पर कुछ रकम देते हैं. जिसे ईद कहा जाता है. ईदी को लेकर बच्चे काफी खुश होते हैं. ईद की नमाज ज्यादातर लोग ईदगाह में जाकर पढ़ते हैं. ईद के दिन रोजा रखना हराम माना गया है. ईद की नमाज अदा करने के पहले अपने-अपने घरों में स्नान कर पाख व साफ होकर नये नये कपड़े पहनते हैं, और खजूर तथा सेवई खीर मीठी चीज खाकर ईद की नमाज अदा करने जाते हैं. नमाज अदा कर घर आए सभी अपने-अपने रिश्तेदारों तथा हिंदू भाइयों को बुलाकर ईद की बधाई देने के बाद मिठाई सेवई आदि खिलाते हैं.
इस मिलन कार्यक्रम में आजाद समाज पार्टी जिला उपाध्यक्ष अवधेश कुमार भारती, भीम आर्मी जिला कोषाध्यक्ष विरेन्द्र कनौजिया, व शमशाद अंसारी पूर्व प्रधान सोनवार , सहित दर्जनों लोगों ने शिरकत की।

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