आखिरकार किसके सह पर सकलडीहा में रात‑दिन चल रहा अवैध खनन

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जमीन की उर्वरता और पानी के स्रोतों को भी खतरा, ग्रामीणों का चैन छीन गया

चंदौली के सकलडीहा तहसील के कई गांवों में अवैध खनन चरम पर पहुंच गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अँधेरा हो या दिनभर, जेसीबी मशीनों से खेतों में मानकों के विपरीत बड़ी खुदाई की जा रही है। ताजपुर पेट्रोल पम्प से कुछ दूर दर्जनों ट्रैक्टर‑ट्रॉली मिट्टी भरकर रात‑दिन निकालते देखे जा रहे हैं, मठ उछालगिरी गांव के पश्चिम तरफ जेसीबी और दर्जनों ट्रैक्टर से मिट्टी निकाली जा रही है।जिससे ग्रामीणों के जीवन और रोजमर्रा की गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं।



ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैक्टरो के बार‑बार आने‑जाने से रास्तों की हालत बदहाल हो गई है, धूल‑मलबे के कारण घरों में रहने और भोजन करना तक मुश्किल हो गया है। रात में मशीनों की आवाज और ट्रैक्टरों के शोर से नींद सुहाती नहीं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि यह व्यवस्थित रूप से बड़े पैमाने पर हो रहा है और कानून बनाने वाली तथा प्रवर्तन संस्थाएँ अनदेखी कर रही हैं या खामोश बैठी हैं।



एक स्थानीय ने बताया, “हमने बार‑बार प्रशासन को सूचित किया, पर कार्रवाई न के बराबर हुई। जिस तरह खुदाई हो रही है उससे जमीन की उर्वरता और पानी के स्रोतों को भी गंभीर खतरा है।” ग्रामीणों ने यह भी कहा कि खुलेआम हो रहे उत्खनन से सड़कों की सुरक्षा प्रभावित हुई है और बच्चों के लिए जोखिम बढ़ गया है।

स्थानीय पंच और प्रधानों ने कहा कि कई बार अधिकारियों को जानकारी दी गई, पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। तहसील प्रशासन और जिला खनन अधिकारी से प्रतिक्रिया अभी तक नहीं मिली। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, बिना अनुमति खनन और रात में भारी मशीनरी चलाना दोनों ही गंभीर क़ानूनी अपराध हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए
।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है: अवैध खनन रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए, क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत की जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और क्षेत्र की खोई हुई जमीन तथा पर्यावरण का सर्वेक्षण कराकर पुनर्स्थापना के उपाय किए जाएँ।

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