अनावश्यक चेन पुलिंग पर रेलवे सख्त, 10 महीने में 1,336 पर कार्रवाई; 8.44 लाख का जुर्माना
अलार्म चेन किसी यात्री की निजी सुविधा नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जीवन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था है। एक व्यक्ति की गैर-जिम्मेदाराना हरकत पूरी ट्रेन के परिचालन को प्रभावित कर सकती है। 10 महीने में 1,336 मामलों पर कार्रवाई और 8.44 लाख रुपये का जुर्माना इस बात का संकेत है कि अनावश्यक चेन पुलिंग रेलवे के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। सुरक्षित और समयबद्ध रेल यात्रा के लिए जरूरी है कि यात्री सुविधा का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें और दूसरों की यात्रा को अपनी लापरवाही की कीमत न चुकाने दें।

डीडीयू मंडल के पांच स्टेशनों पर विशेष निगरानी, बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने पर एक साल की जेल या एक हजार रुपये तक जुर्माना
डीडीयू। ट्रेन में सफर के दौरान अपनी सुविधा के लिए अलार्म चेन खींचना अब भारी पड़ सकता है। किसी यात्री की जल्दबाजी या गैर-जरूरी हरकत न केवल ट्रेन की रफ्तार रोकती है, बल्कि सैकड़ों अन्य यात्रियों की यात्रा भी प्रभावित करती है। ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल का रेलवे सुरक्षा बल लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। जनवरी से अक्टूबर 2026 तक अनधिकृत अलार्म चेन पुलिंग के 1,336 मामलों में कार्रवाई करते हुए रेलवे ने कुल 8,44,990 रुपये का जुर्माना लगाया है।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अलार्म चेन यात्रियों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध आपातकालीन व्यवस्था है, न कि व्यक्तिगत सुविधा का साधन। बिना उचित एवं पर्याप्त कारण इसका इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन रेलखंडों पर विशेष निगरानी
डीडीयू–गया, सासाराम–आरा और सोन नगर–गढ़वा रोड रेलखंडों पर रेलवे सुरक्षा बल विशेष सतर्कता बरत रहा है। चेन पुलिंग की घटनाओं की अधिकता को देखते हुए गया जंक्शन, डेहरी ऑन सोन, रफीगंज, नवीनगर और जपला स्टेशनों को विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है।
जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच इन पांच स्टेशनों पर हुई कार्रवाई के आंकड़े भी चेन पुलिंग की गंभीरता को उजागर करते हैं। गया जंक्शन पर 343 लोगों को पकड़कर 1,89,800 रुपये, डेहरी ऑन सोन में 305 लोगों पर कार्रवाई कर 1,68,100 रुपये, रफीगंज में 96 लोगों पर 65,300 रुपये, नवीनगर में 35 लोगों पर 24,500 रुपये और जपला स्टेशन पर 58 लोगों पर कार्रवाई करते हुए 41,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
एक साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत बिना उचित एवं पर्याप्त कारण अलार्म चेन का इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक का कारावास अथवा एक हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। रेल प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि व्यक्तिगत सुविधा, स्टेशन पर उतरने की जल्दबाजी अथवा अन्य गैर-आपातकालीन कारणों से चेन खींचने की कोशिश न करें। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक व्यक्ति की गलती, सैकड़ों यात्रियों पर भारी
अनावश्यक चेन पुलिंग का असर केवल एक ट्रेन तक सीमित नहीं रहता। इससे ट्रेन का परिचालन बाधित होता है और पीछे चल रही अन्य ट्रेनों की समय-सारिणी भी प्रभावित हो सकती है। यात्रियों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही रेलवे के परिचालन और संरक्षा प्रबंधन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। कई बार एक यात्री की छोटी-सी लापरवाही हजारों यात्रियों की यात्रा को मुश्किल में डाल देती है।
रेलवे सुरक्षा बल कार्रवाई के साथ यात्रियों को जागरूक भी कर रहा है। रेल प्रशासन ने अपील की है कि अलार्म चेन का इस्तेमाल केवल वास्तविक और अपरिहार्य आपात स्थिति में ही करें। यात्रा के दौरान किसी तरह की सहायता या शिकायत के लिए रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 अथवा रेल मदद ऐप का सहारा लें।