अवैध घुसपैठियों पर आधारित है द डायरी ऑफ़ वेस्ट बंगाल फिल्म

दर्शकों को खूब भायेगी यह पिक्चर ,30 अगस्त को मुंबई में रिलीज हो आ रही सिनेमा घरों में
मुंबई, 08 अगस्त 2024।”द डायरी ऑफ़ वेस्ट बंगाल” फिल्म घुसपैठिए पर आधारित फिल्म है। जब रात स्याह हो चुकी होती है। एक दर्जन घुसपैठिए रोहंगिया मुस्लमान एक छोटे से कस्बे के ब्राह्मण अमीरचंद के मकान में धड़ल्ले से घुस जाते हैं। उसकी बड़ी बेटी को पकड़ लेते हैं, और बुरी तरह नोचने खसोटने के साथ ही शुरू करते हैं बलात्कार का नंगा नाच।
बेटी को एक दर्जन लोगों के चंगुल में फंसा देख मां चीखती है और चिल्लाती है। हवस के उन भूखे दरिंदों के सामने हाथ जोड़ती है, पैर पकड़ती है ! बेटी की जान बच सके इसके लिए कहती है, एक-एक आदमी बारी-बारी से करो नहीं तो बेटी मर जाएगी। जघन्य और क्रूरता से किए जा रहे बलात्कार के दौरान बेटी की चीखें और मां का विलाप देख आंखे नम हो जाती हैं. आखिर में बलात्कार से लहू लुहान हुई बेटी पूर्णिमा कुछ ही देर बाद तड़प तड़प के दम तोड़ देती है।यह क्लाइमेक्स सीन है 30 अगस्त को रिलीज हो सिनेमा घरों में आ रही हिंदी फिल्म “द डायरी ऑफ़ वेस्ट बंगाल”
फिल्म के प्रमोशन के लिए मुंबई शहर के अंधेरी स्थित कंट्री क्लब में 08 अगस्त की दोपहर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फिल्म के राइटर और डायरेक्टर सनोज मिश्रा, प्रोड्यूसर जितेंद्र नारायण सिंह उर्फ वसीम रिजवी सहित सभी कलाकारों से सटीक संवाद के वरिष्ठ पत्रकार से हुई बातचीत में बताया।
पटकथा लेखक और निर्देशक सनोज मिश्रा ने बताया कि फिल्म “रोहिंगिया शरणार्थी संकट”, “अवैध बांग्लादेशियों की घुसपैठ” और “लव जिहाद” की घटना पर आधारित है। वसीम रिजवी द्वारा निर्मित और सनोज मिश्रा द्वारा निर्देशित फिल्म के विषय में प्रोड्यूसर, डायरेक्टर दोनों का कहना है कि इसकी कहानी चर्चाओं को जन्म तथा धारणाओं को चुनौती देगी। “द डायरी ऑफ़ वेस्ट बंगाल” म्यांमार के रोहंगिया शरणार्थियों की दुर्दशा और बांग्ला देश से बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठ को गहराई से प्रस्तुत करती है।
फिल्म मनोरंजन के साथ ही उत्तेजक भी है। निर्माता निर्देशक कहते हैं कि फिल्म का मसाला बांग्ला देश की लेखिका “तस्लीमा नसरीन” की पुस्तक “लज्जा” से लिया गया है। फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है जो पश्चिम बंगाल के एक कस्बे में एक अक्टूबर 2001 को घटी थी। इस घटना की पूरी कहानी तस्लीमा नसरीन की पुस्तक “लज्जा” में पढ़ने को मिलेगी। इस पुस्तक के प्रकाशित होने के बाद बांग्ला देश सरकार ने तस्लीमा नसरीन को देश से निकाल दिया था।
प्रेस वार्ता के दौरान अन्य कलाकार रामेंद्र चक्रवर्ती, गौरी शंकर, अवध अश्वनी, आशीष कुमार सहयोगी निर्माता जीएस किशोर, मार्सेलिना डिकोस्टा, संतोष फर्नांडिस, संजय गुप्ता एवम सहयोगी निर्माता छत्रपाल सूर्यवंशी, संजय कुमार, अर्जुन सिंह आदि उपस्थित रहे।