भीषण गर्मी में मौसम का अचानक यूटर्न

4ec83c7bb32b
आंधी-बारिश ने मचाई तबाही, आम बागों को गहरी चोट

लखनऊ-पटना, 29 अप्रैल 2026: भारत में इन दिनों सूरज की तीखी तपिश ने लोगों को घरों में कैद कर लिया था, लेकिन मौसम ने एकाएक करवट ले ली। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश ने आम जनजीवन ठप कर दिया। तेज हवाओं ने घरों की छतें उड़ा दीं, पेड़ जड़ से उखड़ गए और सबसे ज्यादा नुकसान आम के बागानों को हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गर्मी की चरम सीमा के बाद ठंडी हवाओं का ‘डबल अटैक’ था।

जनजीवन पर कहर
तेज आंधी में धूल-मलबे से राहगीर परेशान, चंदौली, वाराणसी व पटना में ट्रैफिक जाम। बिजली के खंभे टूटने से घंटों अंधेरा, राजस्थान के जयपुर में 50+ पेड़ गिरे, 200 घर क्षतिग्रस्त।दिल्ली-एनसीआर में 80 किमी/घंटा की हवाओं से तापमान 5 डिग्री गिरा, सामान्य से 3 गुना तेज। 
आम उत्पादकों की मुश्किलें
उत्तर प्रदेश के आम बाग—राज्य की कृषि का 30% हिस्सा—सबसे ज्यादा प्रभावित। दुकानदारों के टिन शेड उखड़ने से फल बर्बाद। चंदौली-मिर्जापुर में 40-50% फल नष्ट, किसान नेता पिंटू पाल, शेषनाथ यादव, दीनानाथ श्रीवास्तव, विजयकांत पासवान गुड्डू, मुन्ना सिंह व मोहन यादव ने इसे ‘मौसम का धोखा’ बताया। गर्मी से फूल झड़ चुके थे, अब फल भी चले गए।”भारत का सालाना आम उत्पादन 20 मिलियन टन, पूर्वी UP में 20% नुकसान की आशंका। जलवायु परिवर्तन से ऐसे यूटर्न बढ़ रहे हैं। 
अन्य प्रभावित क्षेत्र
कानपुर, सिक्किम व उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि से हजारों पेड़ गिरे, बिजली गुल। 80 किमी/घंटा हवाओं से 4 मौतें, कई घायल, यात्रा बाधित। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर-उत्तर भारत में अलर्ट जारी किया। 
सरकारी कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UP में फसल बीमा क्लेम तेज करने के आदेश दिए। बिहार में सम्राट चौधरी सरकार ने किसानों के लिए राहत पैकेज घोषित। एनडीआरएफ टीमें मौके पर, अगले 48 घंटों में और बारिश की चेतावनी। यह जलवायु संकट की चेतावनी है—क्या सरकारें तैयार? 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *