चंदौली में जब वर्दीधारियों ने दृष्टिबाधित बच्चों को बनाया अपना मेहमान, दीपों से ज्यादा चमक रहे थे उनके चेहरे
चंदौली पुलिस की यह पहल महज दीपावली का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण है। दृष्टिबाधित बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें सम्मान, अपनत्व और खुशियां देना बताता है कि वर्दी का दायित्व कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ खड़े रहने का भी है। जिन बच्चों की आंखें दुनिया की रोशनी नहीं देख सकतीं, उनके चेहरों पर मुस्कान लाकर पुलिसकर्मियों ने त्योहार की असली सार्थकता को उजागर किया। यह आयोजन संदेश देता है कि समाज में खुशियों का उजाला तभी पूर्ण होता है, जब उसका हिस्सा हर व्यक्ति बने और संवेदना के साथ उन लोगों तक भी पहुंचा जाए, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।

चंदौली, सकलडीहा। दीपावली के दीयों से जब घर-आंगन जगमगा रहे थे, तब चंदौली पुलिस ने उन बच्चों के चेहरों पर खुशियों का उजाला बिखेरा, जिनकी आंखें दुनिया की रोशनी नहीं देख सकतीं। खड़ेहरा स्थित अमर ज्योति संस्था में पुलिसकर्मियों ने दृष्टिबाधित बच्चों को अपना मेहमान बनाया और उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। मिठाइयां, गीत, कविताएं और अपनत्व से भरे पलों के बीच बच्चों के चेहरे ऐसे खिल उठे कि उनकी मुस्कान दीपों की रोशनी से भी ज्यादा चमकती नजर आई। इस आयोजन में खाकी का एक ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया, जहां वर्दी की सख्ती की जगह स्नेह और संवेदना ने ले ली।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में दृष्टिबाधित बच्चों ने दीपावली के महत्व, प्रेम, भाईचारे, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता पर आधारित सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों के गीतों, कविताओं और संदेशों ने मौजूद लोगों का मन मोह लिया। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास ने साबित किया कि आंखों की रोशनी भले न हो, लेकिन सपनों और हौसलों का उजाला किसी से कम नहीं होता।
मिठाइयों के साथ बांटा अपनत्व
कार्यक्रम में पुलिस प्रतिसार निरीक्षक वेदमणि मिश्र ने बच्चों को अपने हाथों से मिठाइयां खिलाईं और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। बच्चों के साथ बिताए गए इन पलों में पुलिसकर्मियों ने उन्हें परिवार जैसा अपनापन दिया। बच्चों की मुस्कान और उत्साह ने आयोजन को खास बना दिया।
इस दौरान वेदमणि मिश्र ने कहा कि जीवन में चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति से हर मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने बच्चों को समाज की प्रेरणा बताते हुए भरोसा दिलाया कि पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी है।
खाकी ने पेश की संवेदना की मिसाल
इस अवसर पर स्टोर प्रभारी कौशल किशोर, संस्था के निदेशक प्रेम चंद, कोतवाल भूपेन्द्र निषाद, कोऑर्डिनेटर सुजीत कुमार, आकाश मौर्या, जया, काजल, तम्मना बानो सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।