चेन पुलिंग करने वालों पर रेलवे का शिकंजा, अक्टूबर में 1014 हिरासत में; 4.39 लाख जुर्माना वसूला
ट्रेनों की चेन पुलिंग महज कुछ मिनटों की देरी नहीं, बल्कि हजारों यात्रियों की यात्रा और पूरी रेल परिचालन व्यवस्था को प्रभावित करती है। अक्टूबर में 1014 लोगों पर कार्रवाई रेलवे की सख्ती का संकेत है। वहीं महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश के खिलाफ अभियान महिला यात्रियों की सुरक्षा और उनके आरक्षित सफर के अधिकार को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है।

दानापुर मंडल में 515, डीडीयू मंडल में 136 पर कार्रवाई; महिला कोच में सफर करते 25 पुरुष यात्री भी गिरफ्तार
हाजीपुर, 5 नवंबर। ट्रेनों को बेवजह रोककर उनके परिचालन में बाधा डालने वालों के खिलाफ पूर्व मध्य रेलवे ने सख्त रुख अपनाया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अक्टूबर महीने में ऑपरेशन ‘समय पालन’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से चेन पुलिंग करने के आरोप में 1014 लोगों को हिरासत में लिया। इनसे जुर्माने के रूप में 4 लाख 39 हजार रुपये वसूले गए। सभी के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई की गई।
पूर्व मध्य रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न रेलखंडों पर आरपीएफ की टीमों ने विशेष निगरानी और धरपकड़ अभियान चलाया। इसका उद्देश्य बिना पर्याप्त कारण चेन पुलिंग कर ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकने और उनके समयबद्ध परिचालन को प्रभावित करने वालों पर अंकुश लगाना है।
मंडलवार कार्रवाई में दानापुर मंडल सबसे आगे रहा। यहां सर्वाधिक 515 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा समस्तीपुर मंडल में 180, पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 136, सोनपुर मंडल में 116 और धनबाद मंडल में 67 लोगों पर कार्रवाई की गई।
महिला कोच में सफर करने वाले 25 पुरुष पकड़े गए
महिला यात्रियों की सुरक्षा और आरक्षित कोच की व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरपीएफ ने ऑपरेशन ‘महिला सुरक्षा’ के तहत भी अभियान चलाया। 1 से 31 अक्टूबर तक महिला कोच में अनधिकृत रूप से यात्रा करने के आरोप में 25 पुरुष यात्रियों को हिरासत में लिया गया। इनके खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 162 के तहत कार्रवाई करते हुए 23 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
रिपोर्ट – रतन लाल