धानापुर में चोरों का बढ़ा आतंक, नरौली में लाखों की चोरी; हाथ पर हाथ धरे बैठी पुलिस

धानापुर क्षेत्र में पिछले दिनों चोरी की कई घटनाएं सामने आने के बाद नरौली नई बस्ती में हुई ताजा वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल बढ़ा दिए हैं। ग्रामीण रात्रि गश्त और चोरी की घटनाओं के शीघ्र खुलासे की मांग कर रहे हैं।

धानापुर, चंदौली। धानापुर थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आएदिन हो रही चोरी की वारदातों के बीच नरौली नई बस्ती में सोमवार रात चोरों ने घर का ताला तोड़कर लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना की जानकारी होने पर परिजनों में हड़कंप मच गया। लगातार हो रही घटनाओं ने थाना पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नरौली की ताजा घटना से पहले भी धानापुर क्षेत्र में चोरी की कई वारदातें सामने आ चुकी हैं। 23 सितंबर को धानापुर ब्लॉक मुख्यालय के पास मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी हुआ था। कई दिन बाद भी खुलासा नहीं होने पर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।

इसके बाद बिरना गांव में बंद मकान को चोरों ने निशाना बनाया। यहां से नकदी और लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियां कैद होने की बात भी सामने आई थी।

वहीं आवाजापुर गांव में नवनिर्मित मकान में भी चोरों ने धावा बोल दिया। छत के रास्ते घर में घुसे चोर आलमारी और बक्से खंगालकर लाखों रुपये के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए। इन घटनाओं के बीच ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की।

लगातार घटनाओं से नाराज ग्रामीण 26 सितंबर की रात धानापुर थाने भी पहुंचे थे। ग्रामीणों ने चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बावजूद अब नरौली नई बस्ती में हुई ताजा चोरी ने पुलिस की सक्रियता पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्षेत्र में एक के बाद एक चोरी की घटनाएं सामने आने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि रात्रि गश्त और निगरानी व्यवस्था प्रभावी होती तो लगातार हो रही वारदातों पर अंकुश लगाया जा सकता था। अब लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई और पूर्व की घटनाओं के खुलासे पर टिकी है।

नरौली नई बस्ती की ताजा चोरी ने पुलिस के सामने फिर चुनौती खड़ी कर दी है। सवाल यह है कि लगातार वारदातों के बाद भी चोरों पर शिकंजा कब कसेगा और पुलिस कब इन घटनाओं का खुलासा करेगी?